मधुपुर. एसबीएम कर्मियों को विगत नौ माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है. कर्मियों ने बताया कि उनलोगों को वेतन नहीं मिलने से आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. बताया कि राज्य सरकार ने दीपावली और छठ के मद्देनजर अपने कर्मचारियों को 16 अक्तूबर से ही वेतन का आदेश दे दिया है. सितंबर माह कुछ आवंटन मिला भी तो नयी प्रक्रिया की उलझन और विभागीय स्पष्ट दिशा निर्देश के अभाव में वेतन नहीं मिल सका है. वेतन के अभाव में कर्ज में डूबे सभी कर्मचारी दीपावली जैसे पर्व में भी उदास बैठे हैं. अब उनके समक्ष भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो रही है. कहा कि कर्ज, उधारी व बीमारी से जूझ रहे कर्मियों के समक्ष भविष्य अंधकारमय लग रहा है. बताया जाता है कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में पिछले करीब दो साल से फंड का आवंटन नहीं हुआ है, जिससे विकास कार्य रुका हुआ है. क्षेत्र में भी शौचालय, नाफेप, सोकपिट इत्यादि का भुगतान नहीं हो सका है. एक तरफ बिना वेतन के फाकाकशी का जीवन जीने को विवश है तो उसपर क्षेत्र से मुखिया और जलसहिया द्वारा भुगतान के लिए रोजाना तकादा होता है.
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