मधुपुर. प्रखंड व शहरी क्षेत्र की हजारों महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है. जिसके कारण प्रत्येक दिन बड़ी संख्या में महिला अंचल कार्यालय व बैंक का चक्कर लगा रही है. साथ ही प्रज्ञा केंद्र व आधार सुधार केंद्र में भी लंबी कतार देखी जा रही है. निराश महिलाएं सरकार और प्रशासन को जमकर कोस रही है. महिलाओं का कहना है कि मंईयां सम्मान योजना की विफलता ही सरकार पर भारी पड़ेगी. पहले वोट लेने कि लिए बिना सत्यापन के ही पैसे का भुगतान हो गया और अब छोटी-छोटी त्रुटि बताकर भुगतान रोक दिया गया है. किस कारण से 9 हजार 221 महिलाओं का मंईयां सम्मान योजना रिजेक्ट किया गया है, इसका कारण बताना चाहिए. अंचल कार्यालय में नोटिस लगवा दिया जाये कि किस श्रेणी की महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा व किसे नहीं मिलेगा. किन कारणों से महिलाओं का नाम योजना से रिजेक्ट किया गया है. बताया कि योजनाओं में पक्षपात किया जा रहा है. मधुपुर शहरी क्षेत्र में ही सिर्फ 2721 महिलाओं का मंईयां सम्मान योजना की रिजेक्ट सूची में डाल दिया गया है. चुनाव के समय कहा गया सभी 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना का लाभ दिया जाएगा. सभी अहर्ता पूरा करने वाली निर्धन महिलाओं का भी नाम सूची से हटा दिया गया है. मां-बहनों के साथ भेदभाव कर महिलाओं की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया है. मामले में अंचल अधिकारी यामुन रविदास का कहना है कि प्रदेश स्तर से नाम काटा गया है. नये सिरे से योग्य महिलाएं फाॅर्म दोबारा भरकर दे सकती हैं.
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