PICS: बाबा मंदिर के अलावा देवघर में यहां भी उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़, देखें इसकी खूबसूरती

देवघर के बाबा मंदिर की कहानी और इससे जुड़ी मान्यताएं आज किसी से छिपी नहीं है. श्रावण मास में हर साल श्रद्धालुओं की भीड़ यहां पर उमड़ती है.

देवघर के बाबा मंदिर की कहानी और इससे जुड़ी मान्यताएं आज किसी से छिपी नहीं है. श्रावण मास में हर साल श्रद्धालुओं की भीड़ यहां पर उमड़ती है.

बाबा मंदिर मंदिर परिसर में यहां 21 छोटे छोटे मंदिर हैं. लेकिन देवों की इस नगरी में केवल बाबा मंदिर ही दार्शनिक स्थल नहीं है.

यहां पर और भी कई मंदिर हैं जो अपने आप में बेहद ऐतिहासिक हैं. इन्हीं में से एक है देवघर का नवलखा मंदिर. जो मुख्य मंदिर से करीब 1.5 किमी की दूरी पर स्थित है. राधा कृष्ण को समर्पित इस मंदिर की ऊंचाई 146 फीट है.

इस मंदिर के नामकरण के पीछे बेहद दिलचस्प कहानी है. कहा जाता है कि इस मंदिर के निर्माण में 9 लाख रुपये खर्च हुए थे.

यह मंदिर बेलूर के राधा कृष्ण मंदिर से काफी मिलता जुलता है. इसे देखने के लिए लाखों की तदाद में सैलानियों की भीड़ उमड़ती है.

कैसे पहुंचे इस स्थान पर

नौलखा मंदिर शहर से मात्र 2 किमी की दूरी पर स्थित है. जहां आप जसीडीह या देवघर से टैक्सी, ऑटो या बस लेकर आ सकते हैं. जसीडीह से इस मंदिर की दूरी 9 किमी है. इसके आस पास रुकने के लिए कई होटल मौजूद हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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