Deoghar News, देवघर, (संजीत मंडल की रिपोर्ट): प्रशासनिक संवेदनहीनता का एक अनोखा और दुखद मामला गुरुवार को देवघर समाहरणालय में देखने को मिला. देवीपुर प्रखंड के दरंगा पंचायत अंतर्गत डेढ़मुक्का गांव के पीडीएस डीलर ‘पूजा एसएचजी’ के संचालक मोती यादव करीब 45 किलोमीटर की दूरी निजी टोटो से तय कर जिला मुख्यालय पहुंचे. चौंकाने वाली बात यह थी कि उनके टोटो पर साढ़े पांच बोरा खराब चावल और चार बोरा सड़ा हुआ गेहूं लदा था. मोती यादव इन बोरों को प्रमाण के रूप में लेकर उपायुक्त (DC) से शिकायत करने पहुंचे थे, हालांकि उस वक्त उपायुक्त कार्यालय में मौजूद नहीं थे.
फरवरी से लंबित है अनाज बदलने का मामला
मोती यादव ने बताया कि फरवरी 2026 में डीएसडी (DSD) देवघर के माध्यम से उन्हें कुल 25 बोरा (लगभग 12.5 क्विंटल) अनाज उपलब्ध कराया गया था. अनाज प्राप्ति के समय ही अधिकांश बोरों में सड़ा हुआ चावल और गेहूं पाया गया. इस पर उन्होंने तत्काल डीएसडी के प्रतिनिधि को सूचित किया था. उस समय उन्हें आश्वासन दिया गया था कि खराब अनाज जल्द बदल दिया जाएगा, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
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368 कार्डधारियों के सामने राशन का संकट
डीलर के अनुसार, उनके केंद्र से कुल 368 कार्डधारी जुड़े हुए हैं, जिनमें 334 लाल कार्ड, 6 अंत्योदय और 28 ग्रीन कार्डधारी शामिल हैं. खराब गुणवत्ता के कारण लाभुकों ने अब अनाज लेने से साफ इनकार कर दिया है. डीलर ने कहा, “मजबूरी में कुछ लोगों को पहले अनाज दिया गया था, लेकिन अब वे विरोध कर रहे हैं. लाभुकों को अच्छा अनाज देना मेरी जिम्मेदारी है, लेकिन विभाग खराब स्टॉक दे रहा है.”
जांच और अदला-बदली की मांग
मोती यादव ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए कि आखिर गोदाम से सड़ा हुआ अनाज सप्लाई कैसे हुआ. उन्होंने जल्द से जल्द खराब स्टॉक को बदलने और पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. फिलहाल, समाहरणालय में सड़े अनाज की बोरियों को देखकर वहां मौजूद लोग भी विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं.
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