देवघर : चितरा कोलियरी में मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर गतिरोध जारी, एक माह से बंद है कंपनी का कार्य

सोमवार की रात में जमीन रैयत सुकदेव टुडू व उनके परिजनों के साथ आउट सोर्सिंग कंपनी के लोगों ने मारपीट भी की. इस जुड़े एक ऑडियो के भी वायरल होने की बात कही जा रही है. मामले में सुकदेव ने कोलियरी प्रबंधन से मांग की है कि जमीन के एवज में नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास स्थल की पहले व्यवस्था हो.

चितरा : दमगढ़ा नये कोल प्रोजेक्ट के कार्य में लगे एटीपीएल आउटसोर्सिंग कंपनी का कामकाज जमीन विवाद के कारण लगभग एक माह से बाधित है. बताया जा रहा है कि कार्य बाधित रहने से कंपनी को अब तक लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो चुका है. वहीं कंपनी में कार्यरत 70 से 80 स्थानीय युवकों के सामने रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो रही है. बताया जा रहा है कि कुछ बिचौलियों के कारण जमीन विवाद का मामला सुलझ नहीं रहा है. वहीं कोलियरी प्रबंधन जमीन विवाद को निबटाने में जोर शोर से प्रयास कर रहा है. गौरतलब है कि आउटसोर्सिंग कंपनी ओबी हटाने के लिए कार्य स्थल से ओबी डंप तक कच्ची सड़क के लिए निर्माण कार्य करा रही थी. वहीं तुलसीडाबर गांव के रैयत सुकदेव टुडू और उनके परिवार के सदस्य सुकदेव ने अपनी जमीन से होकर गुजरने वाली कच्ची सड़क के निर्माण पर रोक लगी दी है और नौकरी, मुआवजे की मांग कर रहे हैं. रैयतों के अपनी मांग पर अड़े होने के कारण आउटसोर्सिंग का कार्य बाधित है. इधर दोनों जमीन मालिकों ने कोलियरी अधिकारियों पर मारपीट, गाली गलौज करने व जाति सूचक शब्द का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए चितरा थाना में मामला भी दर्ज कराया है. वहीं प्रबंधन की ओर से भी मामला दर्ज कराया गया है.


जमीन मालिक ने लगाया गंभीर आरोप

जमीन मालिक सुकदेव टुडू व उनके परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनी के मालिक जबरन उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं. कंपनी के मालिक की ओर से धमकी भी दी जा रही है. बताया कि सोमवार की रात में जमीन रैयत सुकदेव टुडू व उनके परिजनों के साथ आउट सोर्सिंग कंपनी के लोगों ने मारपीट भी की. इस जुड़े एक ऑडियो के भी वायरल होने की बात कही जा रही है. मामले में सुकदेव ने कोलियरी प्रबंधन से मांग की है कि जमीन के एवज में नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास स्थल की पहले व्यवस्था हो. उसके बाद ही आउटसोर्सिंग का काम चालू करने दिया जायेगा. इधर इस मामले में आउटसोर्सिंग कंपनी के मालिक रवि रंजन चौबे ने कहा कि जमीन विवाद के कारण एक माह से कंपनी का कामकाज बाधित है , जिससे कंपनी को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है. कहा कि रैयत आये दिन आरोप लगाकर कंपनी का काम में अडंगा लगा रहे हैं. वहीं कुछ बिचौलियां किस्म के लोग काम चालू करवाने के लिए पांच लाख, दस लाख रुपये की मांग कर रहे हैं. इस स्थिति में यहां काम करना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि रैयत के आरोप निराधार है.

क्या कहा जीएम ने 

इस संबंध में देवघर से सटे चितरा कोलियरी के क्षेत्रीय महाप्रबंधक ए के आनंद ने कहा कि रैयत सुकदेव टुडू की पांच एकड़ 99 डिसमिल जमीन ली जा रही है. इसके एवज में तीन नौकरी दी जायेगी, साथ ही नियमानुसार मुआवजा व घर बनाने के लिए जमीन भी दी जायेगी. इसके लिए कागजी प्रक्रिया की जा रही है. कहा कि तीन माह के अंदर नियमानुसार नौकरी दे दी जायेगी.

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By Prabhat khabar news desk

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