50 से अधिक फैकल्टी सदस्यों ने लिया हिस्सा, रिसर्च प्रोजेक्ट और मेडिकल एजुकेशन पर हुई चर्चा
देवघर : एम्स देवघर में फैकल्टी सदस्यों की रिसर्च कैपेसिटी को मजबूत करने के उद्देश्य से सीएमइ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स के निदेशक डॉ. नितिन गंगने ने किया. सीएमइ (कंटीन्युइंग मेडिकल एजुकेशन) चिकित्सकों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के लिए आयोजित शैक्षणिक कार्यक्रम है, जिसमें नयी चिकित्सा तकनीक, उपचार पद्धति, रिसर्च और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की जाती हैं.
रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार करने पर व्याख्यान
इस दौरान निदेशक डॉ. गंगने, डॉ. अल्पना शर्मा और डॉ. साधना शर्मा ने हेल्थ प्रोफेशनल एजुकेशन रिसर्च, जबकि डॉ. सविता यादव ने प्रोटिओमिक्स और मेटाबोलोमिक्स रिसर्च विषय पर व्याख्यान दिया. विशेषज्ञों ने रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार करने तथा मेडिकल एजुकेशन और हेल्थकेयर में रिसर्च की भूमिका के बारे में जानकारी दी.
रिसर्च से मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
निदेशक डॉ. गंगने ने बताया कि रिसर्च का सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा. फैकल्टी की रिसर्च क्षमता मजबूत होने से स्थानीय मरीजों में पायी जाने वाली बीमारियों और उनके उपचार के बेहतर तरीकों पर वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा मिलेगा. इससे बीमारी की समय पर पहचान, बेहतर जांच पद्धति और मरीज की जरूरत के अनुसार उपचार विकसित करने में मदद मिल सकती है.
गंभीर बीमारियों के इलाज में नयी संभावनाएं
रिसर्च के आधार पर उपचार पद्धतियों में सुधार होने से मरीजों को अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी. साथ ही, एम्स में तैयार होने वाले रिसर्च से भविष्य में गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज की दिशा में भी नयी संभावनाएं विकसित होंगी.
50 से अधिक फैकल्टी सदस्यों ने लिया हिस्सा
सीएमइ में एम्स देवघर के 50 से अधिक फैकल्टी सदस्यों ने हिस्सा लिया. मौके पर एकेडमिक डीन डॉ. हरमिंद्र आदि मौजूद थे.
