देवघर: बीती रात सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंची दुष्कर्म पीड़िता को आधी रात के बाद अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया. इस संबंध में पीड़िता के परिजन (अशोक यादव) ने घटना की जानकारी सीएस डॉ अशोक प्रसाद को दी.
इसके बाद बुधवार की दोपहर एक बजे के बाद उसे दोबारा अस्पताल में भरती कराया गया. इस बार उसे लेबर रूम के समीप महिला वार्ड के बेड नंबर 11 पर भरती कराया गया है. मगर समुचित इलाज के अभाव में परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि पीड़िता जयपुर ओपी क्षेत्र की रहने वाली है.
दुष्कर्म की घटना की शिकार होने के बाद परिजन उसे लेकर जयपुर ओपी होते हुए देवघर पहुंचे थे. यहां सदर अस्पताल में भरती के बाद चिकित्सक द्वारा जरूरी दवा आदि दी गयी.
इस बीच पीड़िता को ओपीडी में ही ऑब्जरवेशन के लिए रखा गया था. मगर अचानक ऑन डयूटी चिकित्सक द्वारा रात्रि एक बजे के बाद अस्पताल में जगह न होने (वार्ड में जगह न होने) की बात कहते हुए बाहर निकाल दिया गया. इसका परिजनों ने काफी विरोध किया. मगर उनकी एक न सुनी गयी. बाध्य हो कर गिरते शीत के बीच परिजन पीड़िता को लेकर अस्पताल के बाहर पीपल पेड़ के नीचे बैठ गये. जहां बुधवार की दोपहर एक बजे तक रखा गया. इस दौरान पीड़िता का रक्तस्त्रव होता रहा.
