दो नवजात बच्चियों को किया गया बरामद

देवघर :सदर अस्पताल से नवजात को बेचे जाने की खबर प्रभात खबर की ओर से लगातार प्रकाशित किये जाने के बाद सोमवार को बाल कल्याण समिति की टीम सक्रिय हुई, तो एक नहीं, बल्कि शहर के अलग-अलग इलाकों से दो बच्चियों को बरामद कर लिया गया, जिन्हें जन्म के तुरंत बाद बेच दिया गया था. […]

देवघर :सदर अस्पताल से नवजात को बेचे जाने की खबर प्रभात खबर की ओर से लगातार प्रकाशित किये जाने के बाद सोमवार को बाल कल्याण समिति की टीम सक्रिय हुई, तो एक नहीं, बल्कि शहर के अलग-अलग इलाकों से दो बच्चियों को बरामद कर लिया गया, जिन्हें जन्म के तुरंत बाद बेच दिया गया था. खुलासा हुआ कि सिर्फ सदर अस्पताल ही नहीं, बल्कि शहर के एक प्राइवेट क्लिनिक से भी एक बच्ची को बेचा गया था. बाल संरक्षण की टीम ने दोनों बच्चियों को बरामद कर लिया है. फिलहाल दोनों को अपने संरक्षण में रखा है.

सिंघवा कालीबाड़ी रोड में बेची गयी थी मासूम
सदर अस्पताल से 12 अगस्त की रात बच्ची बेचे जाने से संबंधित खबरें प्रभात खबर में प्रकाशित होने के बाद बाल कल्याण समिति की टीम सोमवार को जांच करने सिंघवा स्थिति कालीबाड़ी रोड पहुंची तो एक नया मामला सामने आया. यहां डबलू वर्णवाल उर्फ श्रीकांत वर्णवाल के पास से टीम के सदस्यों ने एक माह की बच्ची को बरामद किया.
काफी पूछताछ करने के बाद भी कोई कुछ बताने को तैयार नहीं था. कड़ाई से पूछताछ की गयी, तो बताया गया कि डबलू वर्णवाल उर्फ श्रीकांत वर्णवाल ने बच्ची को अवैध तरीके से पैसे देकर खरीदा था. एक महिला चिकित्सक के कंपाउंडर पप्पू कुमार ने पैसे लेकर डबलू को बच्ची बेची थी. सूत्रों के अनुसार, पप्पू ले बच्ची का सौदा 35 हजार रुपये में किया था. हालांकि बच्ची की मां की जानकारी बाल कल्याण समिति की टीम को नहीं मिल पायी है. डब्लू उर्फ श्रीकांत का बयान नगर थाने के एएसआइ राजदेव साहनी ने दर्ज कर लिया है.
सहिया लेकर आयी बेची गयी बच्ची को
बाल कल्याण समिति की टीम सिंघवा में जांच ही कर रही थी कि इसी बीच सदर अस्पताल से बेची गयी नवजात भी सामने आ गयी. प्रभात खबर में लगातार समाचार प्रकाशित होने के बाद बच्ची को बेचनेवाली सहिया उसे लेकर खुद सदर अस्पताल पहुंच गयी. जांच में खुलासा हुआ कि बच्ची बिहार के जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र स्थित नगरी बाजार निवासी शनिचर राम की पत्नी आरती देवी की है. आरती ने 11 अगस्त की रात को बच्ची को जन्म दिया था. आरती से बच्ची के लालन-पालन में परेशानी की बात सुन सहिया रेखा देवी और सफाईकर्मी मिथिलेश ने 11000 रुपये में उसे बेच दिया.
बच्ची 12 अगस्त की रात करीब आठ बजे पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान जिले के साउथ आसनसोल थाना क्षेत्र स्थित उषा ग्राम निवासी सिम्पी देवी को बेची गयी थी. बाल कल्याण समिति की टीम की मौजूदगी में सिम्पी का बयान बैद्यनाथधाम ओपी प्रभारी एएसआइ सिकंदर यादव ने दर्ज किया. दोनों नवजात रेस्क्यू करने में बाल कल्याण समिति सदस्य देवेंद्र पांडेय, कौशल कुमार, चाइल्ड लाइन समन्वयक कौशल कुमार पांडेय, टीम सदस्य रंजीत कुमार, अंकिता कुम��री, एडप्शन एजेंसी के विनय पांडेय, पीसीआर-5 टीम की भूमिका सराहनीय रही.

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