मधुपुर : गुरुवार दोपहर बुढ़ैई थाना क्षेत्र के ईदगाह मोड़ में 30 वर्षीय गर्भवती महिला चांदनी टुडू व उसके दोनों पुत्री शांति व सीमा की ट्रक के चपेट में आकर दर्दनाक मौत के बाद पूरे परिवार व गांव में गमगीन माहौल है. बताया जाता है कि घटना में घायल चांदनी के पति साहेब राम हांसदा की भी स्थिति गंभीर है. ये लोग बुढ़ैई के जाभागुढ़ी पंचायत अंतर्गत श्यामपुर गांव के रहने वाले हैं.
मां समेत दो बच्चियों की मौत से घर में चीख-पुकार, मातम
मधुपुर : गुरुवार दोपहर बुढ़ैई थाना क्षेत्र के ईदगाह मोड़ में 30 वर्षीय गर्भवती महिला चांदनी टुडू व उसके दोनों पुत्री शांति व सीमा की ट्रक के चपेट में आकर दर्दनाक मौत के बाद पूरे परिवार व गांव में गमगीन माहौल है. बताया जाता है कि घटना में घायल चांदनी के पति साहेब राम हांसदा […]

घटना की सूचना जैसे ही घर वालों को मिली वैसे ही परिवार के सभी लोग पथलजोर घटना स्थल पर पहुंच गये. परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है. साहेब मधुपुर प्रखंड में मनरेगा मजदूर है. इसी से वह अपने परिवार का भरण पोषण करता था. वह तीन भाइयों में सबसे छोटा है. उसकी गर्भवती पत्नी व दोनों पुत्रियों की मौत की सूचना दे दी गयी है.
इसके बाद उसकी स्थिति और भी खराब हो गयी है. इधर घटना की जानकारी मिलने पर उसके ससुराल मधुपुर के पुनीझरी से भी सभी सदस्य पहुंच गये है. परिवार के सदस्यों समेत ग्रामीणों ने भी पीड़ित परिजनों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास व उचित सरकारी मुआवजा देने की मांग की है.
निर्माणाधीन सड़क के कारण गयी साहेब राम परिवार के सदस्यों की जान: बुढ़ैई थाना क्षेत्र के पथलजोर मोड़ के ईदगाह मोड़ में सड़क हादसे के दौरान साहेब राम हांसदा की पत्नी व दो बच्ची की मौत का जिम्मेवार ग्रामीण निर्माणाधीन सड़क को मान रहे हैं.
घटना के बाद सड़क जाम कर रहे साहेब राम का रिश्तेदार इंदु टुडू और पूर्व मुखिया समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि महीनों से सड़क का निर्माण करा रही कंपनी ने सड़क को दोनों किनारे से उखाड़ कर छोड़ दिया है. सड़क के दोनों किनारे बड़े-बड़े पत्थर के बोल्डर निकला हुआ है.
इन बोल्डरों के बाइक व वाहनों के चक्के के नीचे आने से फिसल कर लगातार बाइक सवार गिरकर दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. काम काफी धीमी गति से हो रही है. जिसके कारण लंबे समय से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सरकार द्वारा सुरक्षा के लिए दिये गये निर्देशों और मापदंडों को सड़क निर्माण करने वाली कंपनी पालन नहीं कर रही है.
जिसके कारण हादसा हो रहा है. सड़क में जहां-जहां उबड़ खबड़ गया है, वहां वहां सुरक्षा के लिए लाल कपड़े, बोरी में बालू भरकर या सूचना पट्ट भी नहीं लगायी गयी है. जिसके कारण लोग तेज रफ्तार से जाकर हादसे का शिकार हो रहे हैं.
राज्य से आये स्टेट मेडिकल अफसर पवन ने कहा : मिजिल्स एवं रूबेला बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे अहम कड़ी है. यह टीका 9 माह से लेकर 15 साल के बच्चों तक दिया जाना है. उन्होंने शत प्रतिशत टीकाकरण करने का निर्देश दिया. इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक व कर्मी मौजूद थे.