देवघर : झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ देवघर के बैनर तले जिले भर के मनरेगा कर्मी चरणबद्ध आंदोलन पर हैं. चरणबद्ध आंदोलन के चौथे दिन सुरेश किस्कू व सुनील मुर्मू की अगुवायी में मनरेगा कर्मियों ने देवघर नगर निगम क्षेत्र में भिक्षाटन किया. मनरेगा कर्मियों ने टावर चौक के आसपास सहित राजनीतिक दलों के कार्यालय, समाहरणालय, वीर कुंवर सिंह चौक पर भिक्षाटन कर गहरा रोष प्रकट किया. झारखंड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ झारखंड के केंद्रीय संयुक्त सचिव सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि यह झारखंड के एम-टेक, एमबीए, बीएड जैसे व्यावसायिक, तकनीकी व उच्च योग्यताधारी अनुबंध कर्मचारियों का अपमान है.
अल्प मानदेय के कारण पर्व त्योहार के खर्चों को पूरा करने के लिए नौकरी करके भी भीख मांगना पड़ रहा है. यहां का विकास भीख मांग रहा है. शिक्षकों के अभाव में स्कूल बंद हो रहा है. बीएड टेट पास लोगों की डिग्री व उम्र दोनों ही एक्सपायर हो रहा है. गलत स्थानीयता के कारण नियुक्ति में गैर झारखंडी का चयन हो रहा है.
सीटें खाली होने के बाद भी झारखंड के युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है. गांडेय प्रखंड के मनरेगा के कनीय अभियंता उत्तम कुमार महतो की सड़क दुर्घटना में आकस्मिक मौत पर आश्रित को 20 लाख रुपये व अनुबंध पर नौकरी दें. रांची में राज भवन के समक्ष रसोइया पर लाठी चार्ज की निंदा की गयी. अन्य राज्य आर्थिक रूप से कमजोर होने के बाद भी संविदा के कर्मियों को वाजिब हक दिया है. डॉ राजेश कुमार दास ने कहा कि राज्य सरकार अनुबंध कर्मचारियों के आंदोलन को गंभीरता से नहीं ले रही है.
15 नवंबर तक मनरेगा कर्मियों का वाजिब हक नहीं मिला तो सरकार से सीधी लड़ाई की चेतावनी दी गयी है. सुरेश किस्कू व रजनी टुडू ने भीक्षाटन कार्यक्रम को ढोल नगाड़े के साथ सफल बनाया.
कार्यक्रम में सुधांशु शेखर, हेलना हेंब्रम, निम्मी कुमारी, नीलेश कुमार, सूरज दुबे, विवेक कुमार, चंद्रशेखर ठाकुर, पप्पू कुमार दास, अजय कुमार सिंह आदि शामिल थे. भिक्षाटन कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यवेक्षक जीतेंद्र कुमार झा, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजेश कुमार दास, प्रदेश संयुक्त सचिव सहित प्रखंड कार्य पदाधिकारी, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, लेखा सहायक, कंप्युटर सहायक, ग्राम रोजगार सेवक आदि उपस्थित थे.
लोगों की परेशानी की परवाह किसे
अपनी मांगों को लेकर मनरेगा कर्मी शुक्रवार को सड़क पर उतरे. लेकिन, उनका आंदोलन लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया. जितनी देर मनरेगा कर्मी सड़क पर रहे लंबा जाम लगा रहा. यातायात बाधित रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई. लोगों का कहना था कि अपनी मांगें रखना गलत नहीं है, पर इस तरह आवागमन बाधित कर देना भी कहां तक सही है. कई लोग अपने जरूरी काम से जा रहे थे. जाम के कारण वे समय पर नहीं पहुंच सके.
