देवघर : आशाराम केशान रोड निवासी दवा व्यवसायी मनीष कुमार की शिकायत पर नगर थाने में नकली सीबीआइ बनकर भयादोहन करने की एफआइआर दर्ज की गयी है. मामले में नगर पुलिस ने एक रेलकर्मी पुरनदाहा काली मंदिर के समीप किराये पर रहने वाले बिहार अंतर्गत पटना जिले के जकनपुर निवासी कुमार मनीष को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कराया.
कोर्ट के निर्देश पर नगर पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया. जिक्र है कि पांच अक्तूबर की देर शाम करीब 8:30 बजे वह अपनी दवा दुकान में था, तभी एक स्कूटी पर सवार दो लोग पहुंचे. इसके बाद उन्हें बुलाकर बाहर ले गये और अपना परिचय सीबीआइ अधिकारी के रूप में दिया. उसने कहा कि 28 लाख रुपये के मामले की जांच के लिए वह धनबाद सीबीआइ ऑफिस से आया है.
- नगर थाना में दर्ज करायी गयी एफआइआर
- मामले में गिरफ्तार रेलकर्मी कुमार मनीष को कोर्ट में पेश करने के बाद नगर पुलिस ने भेजा जेल
- आशाराम केशान रोड निवासी दवा व्यवसायी मनीष कुमार ने दर्ज कराया मामला
- षड्यंत्र में अपने भाई गौतम प्रसाद व पूर्व पत्नी के भाई विकास चौरसिया के भी शामिल रहने की बात कही
- 28 लाख रुपये के मामले की जांच के लिए धनबाद सीबीआइ ऑफिस से आने की बात कही थी
- मामला रफा-दफा करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए उसने मांगा था एक लाख रुपये
- घटनाक्रम सीसीटीवी में हुआ था कैद, जिसकी फुटेज बनाकर सौंपा गया है नगर थाने में
मामला रफा-दफा करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए उसने एक लाख रुपये की मांग की. उक्त दोनों व्यक्ति स्कूटी नंबर जेएच 15 एल 6010 से पहुंचे थे. पुन: छह अक्तूबर की रात करीब 9:30 बजे वही व्यक्ति आया और पत्नी कविता को गाली-गलौज करने लगा.
भयादोहन कर पत्नी से उसने एक लाख रुपये की सोने की चेन ले ली. मनीष ने अपने घर में लगे सीसीटीवी का फुटेज व मोबाइल में रिकॉर्ड फुटेज की सीडी बनाकर भी थाने में सौंपा है. वहीं नकली सीबीआइ अधिकारी बताने वाले व्यक्ति के साथ इस षड्यंत्र में अपने भाई गौतम प्रसाद व पूर्व पत्नी के भाई विकास चौरसिया के भी शामिल रहने की बात का जिक्र किया है. नगर पुलिस मनीष के भाई व साले की तलाश में जुटी है.
