देवघर : देवघर व मधुपुर रजिस्ट्री ऑफिस में कामत, बकास्त, लखराज, अधिग्रहण बसौढ़ी (एलए) की जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गयी है. इस प्रकार के नेचर की जमीन के एलपीसी फॉर्मेट में आवश्यक संशोधन जैसे जमीन का नेचर, जमीन हस्तांतरणीय है अथवा नहीं, इसका उल्लेख अंचलाधिकारी द्वारा निर्धारित फॉर्मेट पर अनिवार्य रूप से करना होगा.
इसके बाद ही जमीन की रजिस्ट्री संभव है. देवघर डीसी के पत्र के बाद रजिस्ट्री ऑफिस में कामकाज प्रभावित है. रजिस्ट्री ऑफिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान में रजिस्ट्री सिर्फ पर्चा बसौढ़ी नेचर की जमीन की होगी. जिस पर एलपीसी नहीं लगता है. पिछले दो दिन से जमीन की रजिस्ट्री बंद होने के कारण विभाग को लाखों का नुकसान हो चुका है. विभागीय आंकड़ाें पर गौर करें तो औसतन हर माह करीब 30 रजिस्ट्री होती है.
जिला अवर निबंधक ने कहा
एलपीसी के फॉर्मेट में आंशिक बदलाव किया गया है. अब निर्धारित फॉर्मेट में जमीन का नेचर व जमीन हस्तांतरणीय है अथवा नहीं है, इसका उल्लेख स्पष्ट रूप से करना होगा. तभी जमीन की रजिस्ट्री संभव है. यह बदलाव वैसी जमीन के लिए मान्य होगा, जिसके लिए एलपीसी लेना अनिवार्य होता है. फॉर्मेट पर पूरा ब्योरा अंचलाधिकारी द्वारा दिया जायेगा. डीसी के आदेश के बाद जमीन रजिस्ट्री का ऑनलाइन काम बंद पड़ा है.
बालेश्वर पटेल, जिला अवर निबंधक, देवघर
