धनबाद/देवघर : सीबीएसइ 12वीं में खराब नंबर आने पर न्यू बैंक काॅलोनी निवासी प्रियांशु रंजन (18) ने सरायढेला ताजा तालाब के पास पानी टंकी से कूदकर जान दे दी. घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी. अासपास के लोगों ने इसकी सूचना सरायढेला पुलिस को दी. प्रियांशु के पिता संजय कुमार धनबाद ब्लॉक में प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी के पद पर हैं.
सूचना पाकर संजय कुमार व बीडीओ जीतेंद्र कुमार यादव सहित तमाम प्रखंड के पदाधिकारी पीएमसीएच पहुंचे. संजय स्टील गेट न्यू बैंक कॉलोनी में एक किराये के मकान में रहते हैं. प्रियांशु एकमात्र पुत्र था, एक बहन है. वह मूल रूप से बिहार के बाढ़ स्थित पंचशील नगर के रहने वाले हैं. घटना लगभग एक बजे की है. प्रियांशु का बर्थ डे एक जून को है. पोस्टमार्टम कर शव को मर्चरी में रख दिया गया है. शव को रविवार की सुबह परिजन गांव ले जायेंगे.
रिजल्ट देखने गया, फिर नहीं लौटा
12वीं के रिजल्ट को लेकर प्रियांशु काफी उत्साहित था. दोपहर एक बजे स्टील गेट के एक साइबर कैफे में गया. यहां पर प्रियांशु को केमिस्ट्री में मात्र 36 नंबर ही आये. वहीं अंग्रेजी में 76, बायोलॉजी में 54, फिजिक्स में 52, फिजिकल एजुकेशन में 59 अंक आये. इसके बाद छात्र तनाव में आ गया. इसके बाद लौटकर घर जाने की बजाय आगे राजा तालाब की ओर चला गया. इसके बाद घर वालों को आधे घंटे के बाद मनहूस खराब आ गयी.
परीक्षा के बाद धनबाद में था छात्र
संजय कुमार का दो वर्ष पूर्व देवघर एआर कार्यालय से तबादला धनबाद ब्लॉक में हो गया था. प्रियांशु जसीडीह पब्लिक स्कूल में 12वीं में पढ़ाई करता था. परीक्षा के बाद धनबाद आ गया. रिजल्ट को लेकर उत्साहित था.
केमिस्ट्री में 36 अंक मिले थे प्रियांशु को
देवघर. प्रियांशु रंजन जसीडीह पब्लिक स्कूल का छात्र था. उसके पिता संजय कुमार व मां प्रियंका देवी देवघर के कास्टर टाउन मुहल्ले में किराये के मकान में रहते थे. वह अपने माता-पिता के साथ ही देवघर में रहकर 12वीं साइंस (बॉयोलॉजी) की पढ़ाई कर रहा था. सीबीएसइ-2018 के 12वीं का परिणाम आने पर उसे केमिस्ट्री में 36 अंक मिले.
इसके बाद उसने यह कदम उठा लिया. जसीडीह पब्लिक स्कूल के प्राचार्य डॉ भारतेंदु दूबे ने बताया कि पढ़ाई-लिखाई में प्रियांशु बेहतर स्टूडेंट था. साथ ही सथियों के साथ भी व्यवहार बहुत ही अच्छा था. कुछ अंकों के कारण वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा, यह किसी ने सोचा नहीं था. कोई भी मार्क्स जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं होता. आगे भी भविष्य में बहुत सी संभावना है. उसके लिए छात्रों को संभावना तलाशनी चाहिए. जीवन में उम्मीदें कभी खत्म नहीं होती.
