देवघर : करौं प्रखंड के सिरसा पंचायत के मांझतर में स्थित मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित जनवितरण प्रणाली दुकान को निलंबित करने पर सवाल उठने लगे हैं. इसमें जिला आपूर्ति कार्यालय के निर्देश को लोग एकतरफा बता रहे हैं. मां दुर्गा एसएचजी ग्रुप के सदस्य प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने बताया कि एमओ द्वारा दिये गये निर्देशों का हर वक्त पालन किया.
किसी भी कार्डधारी द्वारा कोई शिकायत मुझ से नहीं की गयी. अगर कोई शिकायत थी तो स्पष्टीकरण पूछा जाता, लेकिन बगैर किसी स्पष्टीकरण के ही पीडीएस दुकान को निलंबित कर लाभुकों के कार्ड को दूसरे पीडीएस दुकान के साथ टैग कर दिया गया. यह सरासर अन्याय है.
200 कार्डधारी हुए गोलबंद, डीएसओ को दिया आवेदन : जनवितरण प्रणाली मांझतर केंद्र के करीब दो सौ कार्डधारियों ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी के नाम आवेदन देकर शिकायत को झूठा करार दिया है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी के नाम दिये आवेदन में कार्डधारियों ने कहा है कि गांव के बिचौलियों ने बहला-फूसला कर गलत तरीके से अंगूठे का निशान व हस्ताक्षर करा कर साजिश के तहत दुकानदार को निलंबित कराया है.
अबतक पीडीएस दुकान से जो भी अनाज व केराेसिन मिला वह उचित मात्रा के साथ-साथ उचित दाम पर दिया गया. मार्च 2018 से नजदीक के दूसरे पीडीएस दुकान से दिया जा रहा है. वहां काफी मनमानी के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है. इसलिए मांझतर केंद्र को जल्द से जल्द निलंबन मुक्त किया जाये. आवेदन में शकुंतला देवी, देवयंती देवी, छबी देवी, सोनामणि देवी, चुटो महतो, रेखा देवी, भगवती देवी, अलखी देवी, रामदेव रजक, कमली देवी, झूना देवी, आरती देवी आदि के हस्ताक्षर हैं.
