देवघर : लंबे समय से गोशाला समिति को विभाग की अोर से फंड नहीं मिल सका है. गोशाला परिसर के अंतर्गत 40 एकड़ की भूमि है. फंड के अभाव में लंबे समय से शेड का निर्माण नहीं हो सका. राशि के अभाव में चारे की भी खरीद नहीं हो सकी है. ऊपर से जसीडीह व गोड्डा इलाके में जो गायें पकड़ी गयी, उसे गोशाला में ही भेज दिया गया. गोड्डा से लायी गयी पांच गायें उतारते समय मर गयी थी अौर 20 बीमार थी. उसका प्राथमिक उपचार भी हुआ, मगर पैसे के अभाव में समिति के लोग समुचित इलाज नहीं करवा सके. समुचित रख-रखाव के अभाव में कुछ गायों के मरने की सूचना है.
राशि नहीं मिलने से गोशाला परिसर में नहीं बन सका शेड : एसडीअो
देवघर : लंबे समय से गोशाला समिति को विभाग की अोर से फंड नहीं मिल सका है. गोशाला परिसर के अंतर्गत 40 एकड़ की भूमि है. फंड के अभाव में लंबे समय से शेड का निर्माण नहीं हो सका. राशि के अभाव में चारे की भी खरीद नहीं हो सकी है. ऊपर से जसीडीह व […]

सरकार ने भुगतान नहीं किये 4.81 लाख
सचिव ने कहा कि गोशाला के उत्थान में सरकार ने कभी रुचि नहीं दिखायी. प्रशासन द्वारा सौंपी गयी प्रति गाय के भोजन में छह माह के लिए 50 रुपये दी जाती है. गोशाला प्रबंधन ने 4.91 लाख रुपये के लिए डीसी की अनुशंसा के बाद सरकार को प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है. गोशाला प्रबंधन के पास इतनी फंड नहीं है कि चना, मूंग का बेसन, सरसों व तिसी की खली दी जा सके. उधार व चंदे के पैसे से गोशाला की गायों को पुआल, चोकर व चूड़ा का गुंडा दिया जा रहा है, बावजूद सरकार व पशुपालन विभाग का ऐसा ही असहयोगात्मक रवैया रहा तो सरकार गाय को वापस ले सकती है. प्रेसवार्ता में उपाध्यक्ष बिनोद सुल्तानियां, दूध मंत्री दिलीप सिंघानियां व प्रेम कुमार सिंघानियां थे.