केस लड़ने के लिए जिला प्रशासन उपलब्ध कराया वकील

देवघर : जसीडीह थाना क्षेत्र के गिधनी पंचायत स्थित गम्हरिया के रहने वाले हरी मांझी घर छोड़ अपनी पत्नी उर्मिला देवी, पुत्र अखिलेश कुमार व पुत्री नंदिनी कुमारी के साथ प्रशासन से न्याय की गुहार लगाने समाहरणालय गेट पर पिछले छह दिनों से धरना पर बैठे हुए हैं. परिवार का भरन-पोषण ठेला चलाकर करने वाले […]

देवघर : जसीडीह थाना क्षेत्र के गिधनी पंचायत स्थित गम्हरिया के रहने वाले हरी मांझी घर छोड़ अपनी पत्नी उर्मिला देवी, पुत्र अखिलेश कुमार व पुत्री नंदिनी कुमारी के साथ प्रशासन से न्याय की गुहार लगाने समाहरणालय गेट पर पिछले छह दिनों से धरना पर बैठे हुए हैं. परिवार का भरन-पोषण ठेला चलाकर करने वाले हरी मांझी मुकदमों से इतना त्रस्त हैं कि परिवार के साथ धरना पर बैठ गये हैं.

प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद सांसद डॉ निशिकांत दुबे शुक्रवार की सुबह धरना स्थल पर पहुंच कर मांझी परिवार का हाल चाल जाना. सांसद ने भरोसा दिलाया कि मुकदमा लड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा वकील मुहैया कराया जायेगा. सांसद ने बताया कि कोर्ट का फैसला पहले ही आया था. फिर किसी ने कोर्ट के फैसले को चैलेंज कर दिया. मांझी परिवार द्वारा बताया गया है कि उनके परिवार को जान माल का खतरा है. इस मामले में संबंधित थाने में शिकायत पत्र दें. निश्चित रूप से कार्रवाई होगी.

जिला प्रशासन को हरी मांझी ने लिखा है पत्र : हरी मांझी ने न्याय के लिए देवघर डीसी को पत्र लिखा है. शिकायत पत्र के माध्यम से हरी मांझी ने कहा कि वह गांव में अकेला कमजोर व गरीब आदमी है. गांव के लोग साजिश करके पूरे परिवार को गांव से भगाना चाहते हैं. मेरी जमीन व मकान भी हड़पना चाहते हैं. मेरे ऊपर कई झूठा केस किया गया है. कई मुकदमा भी जीत चुका है. लेकिन, गांव के कुछ दबंग व जनप्रतिनिधि गांव के सरकारी कुआं से पानी नहीं लेने देते हैं. मुखिया, वार्ड सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, जसीडीह थाना प्रभारी अौर एसपी कार्यालय का भी चक्कर लगाकर थक गये पर कोई सुनवाई नहीं हुई.

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