जसीडीह : विस्थापितों ने जेसीबी के आगे लेट कर जताया विरोध

देवघर : जसीडीह औद्योगिक क्षेत्र के बदलाडीह गांव में जिला प्रशासन की ओर से अधिग्रहण की गयी जमीन की घेराबंदी करने गये प्रशासन की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा. विस्थापित परिवार की महिलाएं जेसीबी के आगे लेट कर विरोध जताया तथा दो घंटे तक काम बाधित कर दिया. इस दौरान प्रशासन ने महिला […]

देवघर : जसीडीह औद्योगिक क्षेत्र के बदलाडीह गांव में जिला प्रशासन की ओर से अधिग्रहण की गयी जमीन की घेराबंदी करने गये प्रशासन की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा. विस्थापित परिवार की महिलाएं जेसीबी के आगे लेट कर विरोध जताया तथा दो घंटे तक काम बाधित कर दिया. इस दौरान प्रशासन ने महिला पुलिसकर्मी की मदद से उग्र महिलाओं को हटाकर पुनः काम को शुरू किया गया.

विस्थापितों ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि सरकार की नयी नीति के तहत मुआवजा, रोजगार व पुनर्वास नीति का लाभ देकर काम की शुरुआत की जाये. विस्थापितों का कहना था कि सरकार अधिगृहीत जमीन के अलावा अन्य जमीन को जबरन कब्जा कर उद्यमियों को दे रही है. वहीं 40 साल बाद भी विस्थापितों के पुनर्वास के लिए कोई कदम नहीं उठाया है.
1974 में किया गया था अधिग्रहण : जानकारी के अनुसार, तत्कालीन बिहार सरकार की ओर से जसीडीह औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए वर्ष 1974 में बदलाडीह, गंगटी जसीडीह में लगभग एक हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था. बदलाडीह गांव की अधिगृहीत जमीन में जियाडा ने लगभग ढ़ाई एकड़ जमीन नवलेन्दू एलएलपी इंटरप्राइजेज कंपनी को जमीन आवंटित की गयी है.
जिस पर चहारदीवारी निर्माण के लिए जिला प्रशासन से मदद मांगी थी. शुक्रवार को देवघर एसडीओ रामनिवास यादव, एसडीपीओ दीपक पांडे, जियाडा सचिव अनिलसन लकड़ा, सीओ जयवर्द्धन कुमार सदलबल पहुंचे तथा अधिगृहीत जमीन पर जेसीबी से मिट्टी काटने का काम शुरू किया गया. जमीन पर काम शुरू होते देख विस्थापित परिवार आक्रोशित हो गये तथा महिला व पुरुष कार्य स्थल पर आकर लेट गये. इससे जिला प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ा. इस दौरान जसीडीह इंस्पेक्टर श्यामकिशोर महतो, नगर थाना इंस्पेक्टर बिनोद कुमार, महिला थाना प्रभारी माधुरी मिश्रा, एसआइ पिंकू कुमार, दीपक कुमार एएसआइ संजय सिंह, संजय रजक समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था.
एसडीओ ने कहा: एसडीओ ने बताया कि विस्थापित की मांग थी कि सरकार की ओर से रोजगार उपलब्ध करायी जाये. जिन्हें जिला प्रशासन की ओर से बन रहे कारखानों में प्राथमिकता के आधार रोजगार दिया जायेगा.

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