ट्रक व मालवाहक को छोड़कर बाइक से ढो रहे कोयला

कोयला चोरों ने बदल लिया तरीका एक दिन में चितरा से निकलती है कोयले से लदी करीब ढाई सौ बाइक सारठ, सारवां व सोनारायठाढ़ी के रास्ते में होती है सप्लाई बाइक से देवघर तक भी पहुंचता है कोयला देवघर : अब कोयला चोरी का तरीका पूरी तरह बदल गया है. ट्रक व मालवाहक को छोड़कर […]

कोयला चोरों ने बदल लिया तरीका

एक दिन में चितरा से निकलती है कोयले से लदी करीब ढाई सौ बाइक
सारठ, सारवां व सोनारायठाढ़ी के रास्ते में होती है सप्लाई
बाइक से देवघर तक भी पहुंचता है कोयला
देवघर : अब कोयला चोरी का तरीका पूरी तरह बदल गया है. ट्रक व मालवाहक को छोड़कर बाइक से कोयला चोरी शुरू हो गयी है. शाम ढलने के बाद से पूरी रात व सुबह करीब आठ बजे तक चितरा से करीब ढाई सौ कोयला लोड बाइक निकलती है. एक बाइक पर कम से कम चार बोरा कोयला लोड रहता है, जिसका अनुमानित वजन करीब साढ़े छह क्विंटल तक होता है. कोयला ले जाने में राजदूत, स्पलेंडर, टीवीएस आदि बाइक का उपयोग होता है. चितरा से कुकराहा, कर्मा होकर सारठ बाजार पार कर कोयले की कुछ बाइक बाराटांड़ के रास्ते सोनारायठाढ़ी तरफ निकल जाती है. वहीं कुछ बाइक मनीगढ़ी के रास्ते दूसरे रुट में डायवर्ट हो जाती है. वहीं कुछ बाइक सारवां बाजार होकर देवघर तक घुसती है. उक्त बाइक वाले किसे लाकर उक्त कोयले देते हैं, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है.
पुलिस की अनदेखी या लापरवाही: बाइक से हो रही कोयला चोरी पर पुलिस की भी कोई नजर नहीं है. आखिर पुलिस जान-बूझकर नहीं रोकती है या कुछ ओर, समझ से परे है. खुलेआम मुख्य सड़कों से एक साथ बाइक पर चार-पांच बोरा कोयला लोड कर गुजरता है, जो कोई भी देख सकते हैं.

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