मधुपुर : नगर पर्षद में रखरखाव के अभाव में लाखों के संसाधन बेकार पड़े हुए हैं. नप के निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास इनकी मरम्मत करा कर इस्तेमाल में फिर से लाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा. चार साल पूर्व 28 लाख की लागत से खरीदा गया बॉबकट मशीन भी तीन साल से नगर पर्षद में बेकार पड़ी हुई है. इसकी उपयोगिता अब तक नहीं के बराबर हुई है.
इसी तरह 6.50 लाख की लागत से सात वर्ष पूर्व खरीदा गया सेफ्टी टैंक क्लीनर नगर पर्षद में शोभा की वस्तु बने हुए हैं. आठ वर्ष पहले करीब चार लाख की लागत से खरीदी गयी फॉगिंग मशीन व 6 लाख की लागत से खरीदा गया डंपर प्लेसर भी नप परिसर में शोभा की वस्तु बना हुआ है. इसके अलावा 35-35 हजार में खरीदा गया कुंडा रखने का कंटेनर जर्जर हो चुका है.
नगर पर्षद में महीनों से बेकार पड़ी हैं 12 फॉगिंग मशीनें
करीब आठ माह पूर्व अरुण इंटरप्राइजेज गुड़गांव से 9 लाख 65 हजार 811 रुपये राशि खर्च कर 12 फॉगिंग मशीन मंगायी गयी है, लेकिन यह मशीन नप की शोभा बढ़ा रही है. नगर पर्षद में पूर्व से ही कर्मी व संसाधन की कमी है. ऐसे में इसका उपयोग कितना सही ढंग से हो पायेगा, यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है.
14 को होगी बोर्ड की बैठक
नप के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों की पहली बोर्ड की बैठक 14 मई को रखी गयी है. इसमें संपत्ति कर व यूजर चार्ज पर विचार, फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित करने पर विचार, सफाई, पेयजल उपलब्ध कराना व बिजली व्यवस्था मुख्य मुद्दा रहेगा.
बैठक की सूचना नप के कार्यपालक पदाधिकारी सह एसडीओ एनके लाल ने सभी सदस्यों को दी है.
