पीडब्ल्यूडी ने जिस दो पुल को कर दिया था रिजेक्ट, अब एनएच करेगा उसका उपयोग

देवघर : पथ निर्माण विभाग से देवघर-सारठ रोड में सारठ बाजार से पहले 2006 में निर्मित बेकार पड़े दोनों पुल का अब एनएच उपयोग करेगा. 12 वर्ष पहले दोनों पुल को तकनीकी रूप से विभाग ने रिजेक्ट कर दिया था. विभाग ने नये सिरे से जांच कराने के लिए पुल की लोडिंग टेस्ट भी करायी, […]

देवघर : पथ निर्माण विभाग से देवघर-सारठ रोड में सारठ बाजार से पहले 2006 में निर्मित बेकार पड़े दोनों पुल का अब एनएच उपयोग करेगा. 12 वर्ष पहले दोनों पुल को तकनीकी रूप से विभाग ने रिजेक्ट कर दिया था.
विभाग ने नये सिरे से जांच कराने के लिए पुल की लोडिंग टेस्ट भी करायी, लेकिन बाद में पुलको एप्रोच रोड के अभाव में अधूरा छोड़ दिया गया. विभाग के अनुसार, पुल का निर्माण रोड से काफी ऊंचा कर दिया गया था. देवघर-मधुपुर रोड एनएच में तब्दील होने के बाद अब यह सड़क 14 मीटर चौड़ी बन जायेगी.
चौड़ी सड़क में सारठ के जोरिया पर बना पुल एनएच के दायरे में आ जायेगा. इसलिए एनएच ने अब इस पुल का उपयोग करने के लिए तैयारी कर ली है. देवघर एनएच के कार्यपालक अभियंता द्वारा दिल्ली स्थित एनएच के केंद्रीय तकनीकी टीम को दोनों पुल की तकनीकी जांच कराने के लिए पूरी रिपोर्ट भेजी जोयगी.जांच के बाद अगर टीम द्वारा पुल में तकनीकी खामियां पायी गयी तो एनएच उसे दुरुस्त करायेगा.
डेड एसेट्स बन रहा था करोड़ों का पुल
देवघर-सारठ रोड में पथ निर्माण विभाग से 2006 में 3.96 करोड़ रुपये की लागत से एक साथ तीन पुल का काम पैकेज में हुआ था, इसमें एक सारवां व दो सारठ के पास है. पहले कैब इंजीनियरिंग द्वारा तीनों पुलों का काम कराया जा रहा था.
लेकिन कैब इंजीनियरिंग द्वारा समय पर काम पूरा नहीं करने पर उन्हें कार्य से मुक्त कर दिया गया. दोबारा दोनों पुल के काम का एग्रीमेंट अखंड ज्योति कंस्ट्रक्शन के नाम से हुआ. भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर अखंड ज्योति ने एप्रोच रोड नहीं बनाया. पुल की ऊंचाई भी रोड से काफी अधिक कर दी गयी. जिससे सारठ के दोनों पुल डेड एसेट्स बनते जा रहे थे. हालांकि सारवां का पुल एप्रोच रोड बनाकर चालू कर दिया गया है.
देवघर-मधुपुर रोड अब एनएच में तब्दील हो चुकी है. कोर्ट में मामला लंबित रहने से टेंडर की प्रक्रिया बाधित है. इस रोड में सारठ से पहले दोनों बेकार पड़े पुल को एनएच उपयोग करने की तैयारी कर रही है. दोनों पुल की वर्तमान रिपोर्ट दिल्ली केंद्रीय तकनीकी टीम को भेजी जायेगी. केंद्रीय टीम द्वारा जांच के बाद अगर कुछ खामियां मिली तो उसे दुरुस्त पुल को चालू किया जायेगा.
– रामबदन सिंह, कार्यपालक अभियंता, एनएच, देवघर

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