देवघर : सरकार ने नहीं मानी मांगें, अब सात से अनिश्चितकालीन हड़ताल

देवघर : झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन की देवघर शाखा ने नगर भवन में एक बैठक की. बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बालमुकुंद सिन्हा ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं व सहायिकाओं की मांगें अब तक उपेक्षित रही है, जिससे उनमें आक्रोश व्याप्त है. उन्होंने कहा कि 14 जनवरी को सौंपे […]

देवघर : झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन की देवघर शाखा ने नगर भवन में एक बैठक की. बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बालमुकुंद सिन्हा ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं व सहायिकाओं की मांगें अब तक उपेक्षित रही है, जिससे उनमें आक्रोश व्याप्त है.

उन्होंने कहा कि 14 जनवरी को सौंपे गये 14 सूत्री मांग पत्र में सरकार के साथ समझौता हुआ था व सरकार की ओर से तीन महीने का वक्त भी मांगा गया था. समय बीत जाने के बाद भी सरकार ने उनकी मांगें पूरी नहीं की है. सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जल्द मांगें पूरी नहीं होने पर सात मई को पूरे राज्य की आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चलीं जायेंगी. प्रमंडलीय अध्यक्ष पंपा मल्लाह ने कहा कि एकजुट होकर संघर्ष करते रहने की जरूरत समय की मांग है. इसकी अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष राखी देवी ने कहा कि जब तक मांगों पर सहानुभूति पूर्ण विचार सरकार नहीं करती है, चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा.

आंगनबाड़ी सेविकाओं व सहायिकाओं को 12 हजार रुपये प्रतिमाह देने की मांग उठायी जायेगी. इस अवसर पर शायनारा खातून, लक्ष्मीकांत झा, प्रेमचंद मल्लाह, निरंजन यादव,सविता घोष, सुलोचना देवी, रिंकी देवी, इंदु सरकार, वंदना घोष, प्रमिला यादव, गीता देवी, चंदा देवी, विभा देवी, अंचला देवी, वंदना यादव, गीता देवी, विद्या देवी, अंजु देवी, रेणुका देवी आदि ने विचार रखा.

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