देवघर : बाबा मंदिर में लंबी लाइन से बचने व कम समय में जलार्पण के लिए निर्धारित शुल्क पर शीघ्रदर्शनम् कूपन की व्यवस्था लागू की गयी है. सावन से पहले शीघ्रदर्शनम् व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है. बाबा मंदिर प्रशासन व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दिन-रात मंथन में लगी है.
हालांकि आधिकारिक रूप से अभी इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है. सूत्रों के अनुसार, शीघ्रदर्शनम् कूपन को अब त्रिलोक सिस्टम कंपनी से नहीं बल्कि मंदिर द्वारा स्वयं छपवाने पर विचार किया जा रहा है तथा बार कोड आदि के लिए दूसरी कंपनी से संपर्क किया जा रहा है.
वहीं पहले की व्यवस्था में बिके कूपन के आंकड़े व वर्तमान में बिक रहे कूपन के आंकड़े में आये अंतर पर भी मंदिर के अधिकारियों की नजर है. इस संबंध में मंदिर के प्रभारी से लेकर सहायक प्रभारी तक कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं.
कैसे मिलेगा कूपन
किसी भी श्रद्धालु को सीधे शीघ्रदर्शनम का कूपन देने का प्रावधान नहीं है. श्रद्धालुओं को अपने पुरोहितों के माध्यम से कूपन लेना होगा. पुरोहित फॉर्म भर कर तय राशि जमा करने के बाद काउंटर से कूपन प्राप्त कर भक्तों को देते हैं. इसके लिए भक्तों को अपने पुरोहितों को तय राशि देनी होगी.
पहले नहीं रहता था हिसाब
पूर्व में त्रिलोक कंपनी कार्ड व बार कोड बिना गिने बाबा मंदिर को देती थी. मंदिर में इसकी कहीं इंट्री नहीं होती थी, न ही इसका कोई हिसाब रहता था. मंदिर इसे बैंक को दे देती थी. कई पुरोहितों का कई वर्षों का हिसाब नहीं मिल रहा था. हालांकि इसकी जांच जारी है. कई बिंदुओं को ध्यान में रख कर जांच की जा रही है.
वर्तमान में क्या है व्यवस्था
वर्तमान में कूपन के लिए कार्ड व बार कोड त्रिलोक कंपनी से बाबा मंदिर लाया जाता है. कूपन को सीरियल नंबर से रजिस्टर पर अंकित करने के उन सभी कूपन पर लेखापाल व सहायक प्रभारी का संयुक्त रूप से हस्ताक्षर होता है. इसके बाद बैंक को दिया जाता है. बैंक इसे सीधे पुरोहितों को उपलब्ध कराती है.
कूपन छपकर सीधे आयेगा बाबा मंदिर, जिम्मेदारी तय
नयी व्यवस्था के तहत शीघ्रदर्शनम् कूपन को छपवा कर सीधे बाबा मंदिर लाया जायेगा. इसे किस कंपनी से छपवाया जायेगा, इसकी जिम्मेवारी मंदिर प्रभारी व डीसी के अलावा सहायक प्रभारी की होगी. कूपन छपवाने से लेकर वितरण तक में पार्दर्शिता बरती जायेगी.
