जब जब सनातन पर प्रहार हुआ है तब और विस्तार हुआ है- दीदी मां
इटखोरी. जब जब हिंदुत्व व सनातन धर्म पर प्रहार हुआ है तब तब इसका और विस्तार हुआ है. जिन व्यक्तियों को सनातन की समझ नहीं है, वे ही इसपर प्रहार करते हैं. यह बात वृंदावन से आयी प्रवचन वाचिका बाल विदुषी लाडली शरण (दीदी मां) ने कही. उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म इतना मजबूत और संस्कृतियों से भरा है कि यह कमजोर हो ही नहीं सकता है. जितने भी अलग-अलग संगठन के लोग सनातन का विरोध करते हैं, उन्हें हमलोग सनातन के संबंध में बताया नहीं. उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीम राव आंबेडकर ने कभी भी किसी धर्म का विरोध नहीं किया है, लोगों को संविधान पढ़ना चाहिए. दीदी मां ने कहा कि सनातन के खिलाफ वही लोग बोल रहे हैं जिन्हें हमलोगों ने उपेक्षित समझा, उन्हें सम्मान नहीं मिला. सभी सनातन धर्म प्रेमियों को उनसे मिलकर उन्हें सनातन का महत्व बताना चाहिए. उन्होंने कहा कि भगवान राम ने भी भील, सबरी ,केवट को अपनाकर धर्म के रास्ते से जोड़ा. उन्होंने कहा कि कुछ संगठन राजनीतिक लाभ के लिए सनातन को बांटने का कोशिश कर रहे हैं जो असंभव है. मालूम हो कि दीदी मां इटखोरी के खौराकला गांव में महायज्ञ में आयी है. पूजा करने मां भद्रकाली मंदिर आयी थी. उनके साथ यज्ञ आयोजन समिति के सदस्य टुन्नी सिंह थे.
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