चतरा : जलमीनार खराब, दो माह से बलहदा में जल संकट

शत्रुघ्न साव ने कहा कि आधा किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा है. हमलोग दूसरे के चापानल पर आश्रित हैं. बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. किंकर राणा ने कहा कि इस तरह की किल्लत तो गर्मी के दिनों में नहीं हुई थी.

इटखोरी: चतरा में करनी गांव के बलहदा टोला (छठ तालाब के पास) के ग्रामीण दो माह से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं. कोई बाइक से, तो कोई साइकिल से आधा किमी दूर से पानी ढोकर लाने को विवश है. लगभग 50 घरों में पीने के पानी की किल्लत हो गयी है. इस संबंध में 70 वर्षीय ग्रामीण अर्जुन दांगी ने कहा कि हमलोग दो महीना से पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं. जलमीनार खराब है. मुखिया से गुहार लगा कर थक गये, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. इस उम्र में दूसरे के घर से पानी ढोना पड़ रहा है.

शत्रुघ्न साव ने कहा कि आधा किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा है. हमलोग दूसरे के चापानल पर आश्रित हैं. बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. किंकर राणा ने कहा कि इस तरह की किल्लत तो गर्मी के दिनों में नहीं हुई थी. आखिर कौन इस खराब जलमीनार की मरम्मत करायेगा. देवकी दांगी ने कहा कि दूसरी जगह पानी लाते हैं, तब खाना बनता है. मुखिया हमलोगों की बात सुनते नहीं हैं. दूसरे के घर का मोटर जब चलता है, तब हमलोग पानी लेते हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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