एसपी ने एसडीपीओ को दिया जांच का निर्देश

डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले की जांच का निर्देश एसडीपीओ संदीप सुमन को दिया है.

चतरा. एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने सदर पुलिस पर संपत्ति विवाद में एक ग्रामीण को पकड़ने, फिर उसे छोड़ने के एवज में डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले की जांच का निर्देश एसडीपीओ संदीप सुमन को दिया है. ज्ञात हो कि ऊंटा गांव निवासी राजेश कुमार दांगी ने एसपी को आवेदन देते हुए उसे छोड़ने के एवज में डेढ़ लाख लेने का आरोप थाना प्रभारी विपिन कुमार व पुलिस अवर निरीक्षक मनीष कुमार पर लगाया है. राजेश दांगी के अनुसार उसके बड़े भाई प्रकाश कुमार वर्मा के साथ संपत्ति का बंटवारा हो चुका है. बंटवारा के अनुसार जिस घर में उसे हिस्सा मिला था, उसमें उसने अपना सामान रख ताला लगा दिया था. इसके बाद अपनी दुकान ऊंटा बगीचा के पास चला गया था. जब 10 जून की रात आठ बजे जब वह घर लौटा, तो देखा कि घर का ताला टूटा था. वहीं एक लाख के सोने की चेन, मंगलसूत्र, चांदी का पायल, 20 हजार नकद सहित कई सामान गायब थे. भाभी नीरा देवी से पूछने पर उसने बताया कि भाई समेत मां और भाभी ने ताला तोड़ा है. इसके बाद उसे धक्का देकर घर से बाहर कर दिया गया. वह भाड़े के मकान में रह रहे हैं. मां के गलत आवेदन पर एसआइ ने उसे हाजत में बंद कर दिया. थाना से छोड़ने के एवज में 17 जून को एक लाख नकद व 50 हजार ऑनलाइन किसी दूसरे के खाते में लिया. राजेश ने थाना प्रभारी व एसआइ पर कार्रवाई की मांग की. एसपी ने कहा कि मामले की जांच चतरा एसडीपीओ कर रहे हैं. जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.

थानेदार व एसआइ ने आरोप को बताया निराधार

थाना प्रभारी विपिन कुमार ने कहा कि रिश्वत लेने का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है. आरोप लगानेवाले से एक बार भी मुलाकात नहीं हुई है. वहीं एसआइ मनीष कुमार ने कहा कि राजेश दांगी को पकड़ कर थाना लाया गया था, लेकिन छोड़ने के एवज में राशि लेने का आरोप निराधार है.

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By ANUJ SINGH

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