संकीर्तन से ही होगा उद्धार : स्वामी पुरूषोत्तमाचार्य

प्रखंड के गढ़केदली गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में प्रतिदिन सुबह-शाम श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है

श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ 19 सीएच 20- प्रवचन देते स्वामी पुरूषोत्तमाचार्य 21- प्रवचन सुनते श्रद्धालु हंटरगंज. प्रखंड के गढ़केदली गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में प्रतिदिन सुबह-शाम श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. यज्ञ के तीसरे दिन मंगलवार की संध्या को भागवत भास्कर श्री स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने कथावाचन के दौरान कहा कि संकीर्तन से ही उद्धार होगा. कलयुग में केवल हरिनाम संकीर्तन ही भवसागर से पार करने वाली है. वह नैया है, जिस पर बैठ कर पापी मनुष्य भी भव से पार हो जाता है. कलयुग में मोक्ष का मार्ग मानव उद्धार का मार्ग बताते हुए कहा कि क्रोध, लोभ व मोह को त्याग कर सिद्धि प्राप्त की जा सकती है. मोक्ष का मार्ग अपने हाथ में है. हरिनाम का संकीर्तन से मन का शुद्धि संभव है. वह एक ऐसी औषधि है, जिससे जन्म-मरण का रोग मिट जाता है. उन्होंने कहा कि कलयुग में हरिनाम संकीर्तन के अलावा जीव के उद्धार का कोई अन्य उपाय नहीं है. क्योंकि कलयुग दोषों का भंडार है. लेकिन भगवान श्रीकृष्ण का संकीर्तन से मन और आस्था पवित्र हो सकता है. यज्ञ का आयोजन पैक्स अध्यक्ष गिरजानंद सिंह व रिसव कुमार द्वारा किया गया है. यज्ञ 22 मार्च तक चलेगा. यज्ञ को सफल बनाने में सौरभ कुमार, विपिन कुमार, प्रेम कुमार सिंह, कुंदन कुमार समेत अन्य शामिल है.

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By VIKASH NATH

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