पत्थलगड्डा. प्रखंड में 22 अगस्त को हुई बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था. दर्जनों सड़क, पुल-पुलिया, आहर, तालाब और कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गये थे. लेकिन घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी बह चुकी सड़कों और टूटी पुल-पुलियों की अब तक मरम्मत शुरू नहीं हो सकी है. इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कई गांवों का संपर्क मार्ग पूरी तरह कट गया है. सड़क बह जाने के कारण लोगों को लंबा चक्कर लगाकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है. वहीं, आहर और पोखरों के बांध टूट जाने से पानी का ठहराव नहीं हो रहा है, जिससे किसानों की फसलें संकट में है. क्षति का ब्योरा भारी बारिश से प्रखंड के फुलवरिया आहर, कुब्बा आहर, चौथा का सकारोंधा आहर, पत्थलगड्डा का लुल्हा आहर समेत कई आहरों के बांध टूट गए। इसके चलते कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. सड़कें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं कुब्बा–पत्थलगड़ा मुख्य सड़क कुब्बा–अनगड़ा मुख्य पथ तेतरिया के ग्वालटोली जाने वाली सड़क दुंबी मुख्य सड़क (दयानंद सिंह के घर के पास) बरवाडीह श्मशान घाट जाने वाली पीसीसी पथ गार्डवाल व गुंजरी गेट से अनगड़ा मुख्य पथ नावाडीह गोवरदहिया से नदी पर टोला तक जाने वाली सड़क ग्रामीणों की मांग ग्रामीणों व किसानों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल सड़कों, पुल-पुलियों और आहरों की मरम्मत कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय पर पहल नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आवागमन और खेती दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा.
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