भागवत कथा सुनने से होता है आध्यात्मिक विकास

माता दुर्गा, शिव, हनुमत व विश्वकर्मा प्राण-प्रतिष्ठा सह रूद्रचंडी महायज्ञ

: माता दुर्गा, शिव, हनुमत व विश्वकर्मा प्राण-प्रतिष्ठा सह रूद्रचंडी महायज्ञ पत्थलगड्डा. प्रवचनकर्ता देवी गौरी प्रिया ने कहा कि जो व्यक्ति लगातार सात दिनों तक भागवत कथा सुनता है, उसे सात जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है. साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है. मानव जीवन सातों जन्मों से बंधा हुआ है. हर दिन कथा सुनने से सातों जन्मों के पापों से मुक्त होते हैं. देवी गौरी प्रिया ने ये बातें प्रखंड के नावाडीह बाजोबार के मोरशेरवा पहाड़ी में चल रहे नौ दिवसीय श्री श्री 1008 श्री अष्टभुजी माता दुर्गा, शिव, हनुमत व विश्वकर्मा प्राण प्रतिष्ठा सह रूद्रचंडी महायज्ञ के चौथे दिन अपने प्रवचन के दौरान कही. उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत में भक्ति, ज्ञान वैराग्य, ज्ञान योग्य, कर्म योग्य, समाज धर्म, स्त्री धर्म व राजनीतिक का ज्ञान होता है. इसके साथ भागवत कथा सुनने से व्यक्ति का आध्यात्मिक विकास होता है. भगवान के प्रति भक्ति गहरी होती है. उन्होंने लोगों को माता-पिता, सास-ससुर की आदर व सेवा करने की बात कही. इधर, महायज्ञ के दौरान यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने वालों की भीड़ उमड़ रही है. कोई 12 घंटे, तो छह घंटे का संकल्प लेकर परिक्रमा कर रहे हैं. वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र गूंज रहा है. यज्ञाचार्य अमित उपाध्याय ने बताया कि महायज्ञ के पांचवें दिन मंगलवार को वेदी पूजन, धृताधिवास, मधुधिवास, धूपाधिवास व संध्या आरती का आयोजन किया गया. यज्ञ को सफल बनाने में मंदिर प्रबंधन समिति व यज्ञ समिति के लोग लगे हुए हैं. संध्या आरती के बाद महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी का वितरण किया जा रहा है. महायज्ञ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुरमी समाज की ओर से पेयजल की व्यवस्था की गयी है.

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By DEEPESH KUMAR

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