चतरा. जिले में खनिज संपदाओं का अवैध खनन और परिवहन का कारोबार धड़ल्ले से जारी है. अवैध कोयला, पत्थर और बालू का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद हैं. एक ओर माफिया मालामाल हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है. सूत्रों के अनुसार, हर रोज अवैध कोयला लदे हाइवा कई थानों से गुजरकर बिहार की ओर भेजे जाते हैं. लातेहार के बालूमाथ क्षेत्र से निकलने वाले इन हाइवाओं को महंगी गाड़ियों से स्कॉर्ट तक किया जाता है. इस कारोबार का नेटवर्क इतना मजबूत है कि पुलिस और वन विभाग की कार्रवाई के बाद भी कुछ ही दिनों में कारोबार फिर शुरू हो जाता है.
कार्रवाई में 12 हाइवा जब्तअवैध पत्थर खनन का खुलासा उस समय हुआ जब मंगलवार की अहले सुबह जिला प्रशासन की विशेष टीम ने अवैध बोल्डर लदे 12 हाइवा जब्त किए. जांच में पाया गया कि माइंस संचालकों की मिलीभगत से बिना चालान के बोल्डर स्थानीय क्रशरों तक पहुंचाए जा रहे थे. इस मामले में वशिष्ठ नगर थाना में तीन माइंस संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गयी है.
बालू की तस्करी पर रोक नहींजिले में बालू की तस्करी भी जोर-शोर से जारी है. नदियों से अवैध तरीके से बालू का उठाव किया जा रहा है, जिससे नदियों का अस्तित्व खतरे में है. ट्रैक्टर और हाइवा से बालू ढुलाई कर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है. आश्चर्य की बात है कि कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी की जाती है और एक-दो ट्रैक्टर पकड़कर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है.
कोयले के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई15 जून 2025 : चतरा-बगरा मार्ग से वन विभाग ने 10 हाइवा व एक वैगनआर जब्त की थी. चार लोगों को जेल भेजा गया था.
23 मई 2025 : प्रतापपुर पुलिस ने घोरीघाट से तीन हाइवा व एक स्कॉर्पियो जब्त कर नौ लोगों को गिरफ्तार किया था.13 जून 2025 : नीमा रोड से अवैध कोयला लदा ट्रक जब्त
हंटरगंज वन विभाग ने प्रतापपुर मोड़ के पास से 2 हाइवा जब्त किय.डीसी का कोट
उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने कहा कि खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाती है. जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स को नियमित अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है.
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