चतरा. पशुपालन एवं गव्य विकास विभाग द्वारा पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने तथा पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से जिले में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. शुक्रवार को पशुपालन सह गव्य विकास पदाधिकारी चंद्रेश्वर प्रसाद एवं चलंत पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जमालउद्दीन ने सदर प्रखंड के भोज्या गांव सहित विभिन्न गांवों का दौरा कर किसानों और पशुपालकों को जागरूक किया. पदाधिकारियों ने बताया कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है. वैज्ञानिक पद्धति, उचित देखभाल और उन्नत प्रबंधन अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि विभाग गांव-गांव पहुंचकर पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करा रहा है. अभियान के दौरान झारखंड मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना समेत विभिन्न लाभकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गयी. डॉ जमालउद्दीन ने बताया कि विभागीय टीम नियमित रूप से पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर रही है. साथ ही पशुओं में होने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए नि:शुल्क टीकाकरण और दवा वितरण का कार्य भी किया जा रहा है. इससे पशुपालकों को काफी लाभ मिल रहा है.
अभियान चला कर पशुपालकों को किया गया जागरूक
विभिन्न गांवों का दौरा कर किसानों और पशुपालकों को जागरूक किया.
