पेड़ों की कटाई से पर्यावरण हो रहा असंतुलित
आरसीसीएफ ने वन समिति सदस्यों के साथ की बैठक
चतरा : वन विभाग के प्रांगण में जिलेभर से आये वन समितियों की बैठक क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार की अध्यक्षता में हुई. इसमें आरसीसीएफ ने समिति के सदस्यों को वन बचाने व लगाने की बात कही. उन्होंने कहा कि आये दिन पेड़ों को काटा जा रहा है, जिसके कारण पर्यावरण असंतुलित हो रहा है. मानव के साथ-साथ पशु-पक्षियों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है. उन्होंने कहा कि जंगल से लोग अधिक से अधिक लाभ उठा सकते है. आय का स्त्रोत बढ़ा कर स्वावलंबी बन सकते हैं. इस दिशा में वन विभाग पहल कर रही हैं.
उन्होंने बताया कि लोगों की आय बढ़ाने को लेकर सदर प्रखंड के सिंदुवारी व कुंदा में ऑयल प्रोसेसिंग यूनिट, पत्थलगड्डा के दुम्बी में चिरौंजी प्रसंस्करण व चतरा वन प्रांगण में मेडिकल प्लांट यूनिट स्थापित की गयी है. जिले के वन क्षेत्रों में काफी मात्रा में वन औषधि उपलब्ध हैं, लोग जागरूक हो इनका लाभ उठायें. आम लोगों को जागरूक करने के लिए समिति के सदस्यों को प्रशिक्षित किया जायेगा. मौके पर डीएफओ दक्षिणी काली किंकर ने कहा कि व्यवसायी आम जनता से सस्ती दर पर औषधि खरीद कर ऊंचे दाम पर बेचते हैं. इससे उन्हें काफी मुनाफा होता हैं.
चिरौंजी व्यवसायियों द्वारा मात्र 75-100 रुपये किलो खरीदा जाता हैं, जबकि उसका वास्तविक मूल्य 600-800 रुपये तक है. लोग जागरूक होने के बाद इसका लाभ उठा सकेंगे. उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कई जगहों पर तालाब व चेक डैम का निर्माण कराया गया है, जिससे मछली पालन कर अपनी जीविका चला रहे हैं.
बैठक में संघरी वन समिति के अध्यक्ष निर्मला केरकेट्टा ने कहा कि प्लांट स्थापित होने से क्षेत्र के लोग महुआ से सिर्फ शराब ही नहीं, बल्कि अन्य उत्पाद बनाकर इसका लाभ ले पायेंगे. इस अवसर पर वन संरक्षक अजीत कुमार सिंह, डीएफओ उत्तरी एनसी सिंह मुंडा, सदर रेंजर अजय कुमार, लावालौंग के जगन्नाथ कुमार के अलावे कई वन पदाधिकारी, कर्मचारी व वन समिति के लोग उपस्थित थे.
