चांडिल के सड़क हादसे में महिला की मौत, मुआवजे की मांग पर रोड जाम

Chandil Road Accident: चांडिल में तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से महिला की दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों ने मुआवजे और सड़क सुरक्षा की मांग को लेकर रोड जाम कर दिया. हादसे में दो लोग घायल हुए हैं. घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

चांडिल से हिमांश गोप की रिपोर्ट

Chandil Road Accident: झारखंड के चांडिल थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके को झकझोर कर रख दिया. टाटा–रांची–पुरुलिया न्यू बायपास सड़क पर गांगुडीह के पास हुए इस हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना सुबह करीब साढ़े सात बजे की बताई जा रही है.

तेज रफ्तार ट्रक ने मारी टक्कर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाइक सवार मंथन कुम्हार, कलावती देवी और ज्योत्सना कुम्हार चांडिल से घोड़नेगी की ओर जा रहे थे. इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे तमिलनाडु नंबर के तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भयावह थी कि ट्रक बाइक सवारों को करीब 100 मीटर तक घसीटते हुए ले गया.

मौके पर ही महिला की मौत

इस दर्दनाक हादसे में ट्रक के नीचे आने से कलावती देवी की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, मंथन कुम्हार और ज्योत्सना कुम्हार गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत चांडिल अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है.

मुआवजे की मांग पर सड़क जाम

हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने न्यू बायपास सड़क को जाम कर दिया. ग्रामीण मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने सड़क पर सिंगल लाइट लगाने, गांव का नाम दर्शाने वाला बोर्ड लगाने, घनी आबादी क्षेत्र का संकेतक लगाने और जेब्रा क्रॉसिंग बनाने की भी मांग की है. सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया.

पुलिस ने संभाली स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही चांडिल थाना प्रभारी दिलशान बिरुआ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों को समझाने और जाम हटाने का प्रयास किया. हालांकि, खबर लिखे जाने तक सुबह करीब साढ़े नौ बजे तक सड़क जाम जारी था और प्रशासन स्थिति को सामान्य करने में जुटा हुआ था.

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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सड़क पर पर्याप्त संकेतक, लाइट और सुरक्षा व्यवस्था होती, तो शायद इस तरह की घटना से बचा जा सकता था. अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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