Chaibasa News : ठंड ने बढ़ायी बीमारियों की रफ्तार इमरजेंसी वार्ड में बेड कम पड़े

चाईबासा सदर अस्पताल. प्रतिदिन ओपीडी में आ रहे 500 से अधिक मरीज

चाईबासा. बढ़ती ठंड के कारण जिले के अस्पतालों में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है. सर्दी–जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं. सदर अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजों की भारी भीड़ देखी जा रही है.

सदर अस्पताल में ओपीडी सुबह 9 बजे खुलते ही निबंधन काउंटर पर लंबी कतार लग जाती है. गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, प्रतिदिन करीब 500 मरीज ओपीडी में निबंधित हो रहे हैं. मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण खासकर सांस और फेफड़ों के रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है. दिन में हल्की धूप और रात में बढ़ती ठंड के कारण लोग अधिक बीमार पड़ रहे हैं. डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों को सुबह जल्दी न जगाएं, क्योंकि सुबह की अधिक ठंड उनके लिए हानिकारक हो सकती है. ठंड में त्वचा संबंधी रोगियों की संख्या भी बढ़ी है. कम नहाने और त्वचा की सफाई में कमी के कारण कई लोग स्किन संबंधी समस्याओं से ग्रसित हो रहे हैं.

बच्चों में बढ़ी सर्दी-बुखार की शिकायत

बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में अत्यधिक उतार-चढ़ाव के कारण बच्चों में सर्दी, जुकाम और बुखार के मामले बढ़े हैं. जिन बच्चों की हालत गंभीर होती है, उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है.

इमरजेंसी में 13 अतिरिक्त बेड भी कम पड़े

इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए 13 अतिरिक्त बेड लगाये गये हैं. इसके बावजूद बेड की कमी बनी हुई है. मजबूरी में कई मरीजों को स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और बरामदे के चबूतरे पर लेटाकर इलाज करना पड़ रहा है.

सदर अस्पताल में की गयीं व्यवस्थाएं

अस्पताल प्रबंधन की ओर से ठंड से बचाव के लिए सभी वार्डों में रूम हीटर लगाए गए हैं और भर्ती मरीजों को कंबल उपलब्ध कराए जा रहे हैं. हालांकि, अधिकतर मरीज और उनके परिजन अस्पताल द्वारा उपलब्ध कंबल का उपयोग करने से परहेज करते हैं और अपने घर से लाये कंबल का ही इस्तेमाल करते हैं.

– ठंड को देखते हुए सदर अस्पताल के सभी वार्डों में रूम हीटर की व्यवस्था की गयी है. भर्ती मरीजों को एक-एक कंबल भी दिया जाता है. हालांकि, अधिकतर मरीज और उनके अटेंडेंट अस्पताल के कंबल का उपयोग नहीं करते हैं.

– आशीष कुमार

, प्रबंधक, सदर अस्पताल

ठंड के साथ बढ़ी ठिठुरन, न कंबल मिला, न अलाव

सरायकेला.

सरायकेला सहित आसपास के क्षेत्रों में नवंबर के अंतिम सप्ताह में अचानक बढ़ी ठंड ने लोगों का जीवन कठिन बना दिया है. न्यूनतम तापमान गुरुवार को 13 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो अगले दो दिनों में 12 डिग्री तक पहुंच सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले नौ दिनों तक ठंड में और इजाफा होने की संभावना है, जिससे सड़कें सुनसान हो रही हैं और लोग शाम होते ही घरों में दुबक जा रहे हैं.

गरीबों को कंबल वितरण में देरी:

ठंड से बचाव के लिए हर साल गरीबों के बीच कंबल वितरित किये जाते हैं, लेकिन इस वर्ष सरायकेला-खरसावां जिले में अब तक वितरण शुरू नहीं हुआ है. जिले में 29,711 लोगों के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. पर खरीद प्रक्रिया लंबित है, जिससे गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले और खुले आसमान तले रहने वाले लोग सबसे अधिक परेशान हैं. झारखंड सरकार ने राज्य स्तर पर 10 लाख कंबल वितरित करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर विलंब जारी है.

नपं ने नहीं की अलाव व्यवस्था:

नगर पंचायत द्वारा ठंड बढ़ने के बावजूद सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है, जिससे लोग खुद कचरा, फल कार्टन और गत्ते जलाकर आग तापने को विवश हैं. पूर्व उपाध्यक्ष मनोज चौधरी ने अलाव और कंबल वितरण की मांग की है, जबकि अधिकारियों का कहना है कि एक-दो दिनों में व्यवस्था हो जायेगी. सरायकेला बाजार क्षेत्र में लोग स्वयं अलाव जला रहे हैं.

अस्पतालों में सर्दी-खांसी के मरीज बढ़े:

बढ़ती ठंड से जिले के सदर अस्पताल के ओपीडी में सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है. चिकित्सक दवाओं के साथ ही गर्म कपड़े पहनने और अलाव से दूरी बनाये रखने की सलाह दे रहे हैं.

– सर्दी के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म/ऊनी वस्त्र पहनना चाहिए. घर से बाहर निकलने से पूर्व कान और नाक को जरूर ढकना चाहिए. हमेशा ताजा और गर्म भोजन करना चाहिए. शरीर को गर्म रखने के लिए लिए गर्म पेय का सहारा भी लिया जा सकता है.

-डॉ चंदन कुमार

, सदर अस्पताल सरायकेला.

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Author: ATUL PATHAK

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