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टोंटो, रेंगड़ाहातु व बुंडू पंचायत जंगल से सटी हैं, ग्रामीणों को जंगली जानवरों से खतरा

बारिश होने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ा, सांप-बिच्छू भी लगातार निकल रहे हैं

प्रतिनिधि, झींकपानी

पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड में जंगल क्षेत्र की तीन पंचायतों (टोंटो, रेंगड़ाहातू व बुंडू) की 20-22 हजार की आबादी बीते एक सप्ताह से अंधेरे में रहने को विवश हैं. बिजली विभाग के उदासीन रवैया से ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीणों ने बताया कि एक सप्ताह पहले आंधी-बारिश में कई स्थानों पर बिजली के खंभे व तार टूट गये. विभाग को सूचना देने के बाद भी दुरुस्त नहीं किया गया है. विभागीय अधिकारियों के कानों पर जू नहीं रेंग रहे हैं. इस भीषण गर्मी में लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है. वहीं, जंगल से सटा क्षेत्र होने के कारण जानवरों व कीट-पतंगों का खतरा है.

मोबाइल टावर नहीं कर रहे काम, संबंधियों से नहीं हो रहा संपर्क: टोंटो के ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं रहने से मोबाइल टावर का लाभ नहीं मिल रहा है. टावर वाले उपलब्ध जेनरेटर (डीजे) नहीं चलाते हैं. बिजली के भरोसे टावर चलाया जाता है.

बच्चों की पढ़ाई बाधित, करवटों में कटती है रात: टोंटो प्रखंड के तीन पंचायतों के लोगों का कहना है कि बिजली के बिना नारकीय जीवन हो गया है. हमारी सुनने वाला कोई नहीं है. यहां के लोग मुश्किल से रोजी-रोटी का जुगाड़ करते हैं. ऐसे परिस्थिति में हमें शाम होते ही घरों में दुबक जाना पड़ता है. क्षेत्र में घुप अंधेरा हो जाता है. बच्चों की पढ़ाई बंद है. रातभर गर्मी व मच्छरों के कारण नींद पूरी नहीं होती है.

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Author: AKASH

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