Chaibasa News : आशा व मुक्ति का प्रतीक है जुबली क्रूस पर्व : फादर

रोमन कैथोलिक चर्च में श्रद्धा, उत्साह व सेवाभाव से मनायी गयी क्रूस तीर्थयात्रा

चाईबासा.

चाईबासा स्थित रोमन कैथोलिक चर्च में रविवार को श्रद्धालुओं ने हर्ष और भक्तिभाव से जुबली क्रूस तीर्थयात्रा कार्यक्रम मनाया. सुबह बोड़दोर पल्ली के विश्वासी विशेष समारोहपूर्वक जुबली क्रूस लेकर चर्च के लिए रवाना हुए. इस दौरान चाईबासा के स्थानीय विश्वासियों ने जेवियर पुल के पास क्रूस यात्रा का स्वागत किया और गाजे-बाजे, गीत-संगीत व नृत्य के साथ उसे भक्ति भावना से चर्च लाए. इसके उपरांत मिस्सा पूजा का आयोजन किया गया.

चर्च के पल्ली पुरोहित फादर निकोलस केरकेट्टा ने बताया कि जुबली क्रूस ईयर 2025 कैथोलिक चर्च के लिए एक विशेष आध्यात्मिक वर्ष है, जो हर 25 वर्ष में मनाया जाता है. यह वर्ष तीर्थयात्रा, आध्यात्मिक नवीनीकरण और क्षमादान पर केंद्रित होता है. उन्होंने बताया कि जुबली क्रूस आशा और मुक्ति का प्रतीक है, जो ईश्वर के प्रेम और दया पर आधारित है. कैथोलिक मत में क्रूस, यीशु मसीह की पीड़ा और मानवता की मुक्ति का प्रतीक माना जाता है. वर्ष 2025 को “आशा के तीर्थयात्री” नामक जुबली ईयर के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें जरूरतमंदों की सेवा और क्षमादान प्राप्त करना प्रमुख उद्देश्य है. फादर यूजिन एक्का ने बताया कि पोप फ्रांसिस द्वारा घोषित यह जयंती वर्ष 24 दिसंबर 2024 से आरंभ हुआ था. यह जुबली क्रूस जमशेदपुर डायसिस के विभिन्न चर्चों की यात्रा करते हुए अब 15 दिसंबर 2025 को अपने अंतिम पड़ाव चाईबासा के बोड़दोर पल्ली पहुंचा है. बोड़दोर पल्ली के फादर सुनील डाहंगा के नेतृत्व में इसे सुबह रोमन चर्च लाया गया. मिस्सा पूजा में फादर अगस्तीन कुल्लू, फादर सुनील डाहंगा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AKASH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >