चक्रधरपुर.
चक्रधरपुर रेल मंडल के इंजीनियरिंग सभागार में गुरुवार को रेलवे प्रबंधन व मान्यता प्राप्त मेंस यूनियन के बीच दो दिवसीय मंडल स्तरीय स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक शुरू हुई. इसकी अध्यक्षता अपर मंडल रेल प्रबंधक अनूप पटेल ने की. बैठक में रेलवे प्रबंधन व मेंस यूनियन के पदाधिकारियों के बीच कर्मचारियों के कल्याण, उनकी कार्य प्रणाली व समस्याओं का समाधान करने पर विचार-विमर्श किया गया. मेंस यूनियन के मंडल संयोजक एमके सिंह ने कहा कि मान्यता प्राप्त यूनियन के साथ चक्रधरपुर रेल मंडल की वर्ष 2026 की प्रथम पीएनएम बैठक सकारात्मक रही. इसमें विभिन्न विभागों से जुड़े 30 में से 10 मुद्दों पर चर्चा कर कर्मचारियों के हित में कई अहम निर्णय लिये गये. जिसपर रेलवे प्रबंधन ने सहमति प्रदान की है. बैठक में वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी डॉ ऋषभ सिन्हा, मंडल अभियंता (समन्वय) आरपी मीणा, उपमुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ श्याम सोरेन व मेंस यूनियन के मंडल संयोजक एमके सिंह, केंद्रीय पदाधिकारी शिवजी शर्मा, एके सिंह, जवाहर लाल, रामा शंकर साहू, संजय सिंह, राज कुमार श्रीवास्तव, विश्वजीत बढ़ाइक, संजय कुमार पाठक, एसएन शिव, अजय रंजन राय आदि उपस्थित थे.रेलवे कार्यालयों के बाहर बनेगी पार्किंग, सुरक्षा की होगी समुचित व्यवस्था
ट्रैक मेंटेनर स्वच्छ परिवेश में भोजन ग्रहण और विश्राम कर सकें, इसके लिए रेल मंडल में रेलवे ट्रैक किनारे विश्राम कक्ष बनाया जायेगा. बंद रेलवे फाटक भवनों का जीर्णोद्धार कर विश्राम कक्ष के तौर पर उपयोग किया जायेगा. इसके साथ ही रेलवे ट्रैक किनारे के सभी चापाकलों को दुरुस्त किया जायेगा, ताकि ट्रैक मेंटेनरों को पीने के पानी के लिए गांवों के चापाकल पर निर्भर नहीं रहना पड़े. रेलवे कार्यालयों में काम करने वाले रेलकर्मियों के लिए नि:शुल्क वाहन पार्किंग की व्यवस्था होगी. सभी कार्यालयों के बाहर वाहन पार्किंग बनायी जायेगी. साथ ही सुरक्षा की समुचित व्यवस्था भी की जायेगी.
झारसुगुड़ा में सब-ऑर्डिनेट रेस्ट हाउस बनेगा
झारसुगुड़ा के पुराने आरपीएफ भवन का जीर्णोद्धार कर रेलकर्मियों के लिए सब-ऑर्डिनेट रेस्ट हाउस बनाया जायेगा. इससे दूसरे स्थानों से काम के सिलसिले में झारसुगुड़ा जाने वाले रेलकर्मियों को रात्रि विश्राम और भोजन आदि के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.रेलवे अस्पतालों में निजी सुरक्षा एजेंसी की होगी तैनात
रेल मंडल के सभी बड़े रेलवे अस्पतालों में निजी सुरक्षा एजेंसी के जरिये सुरक्षा गार्ड नियुक्त किया जायेगा, ताकि अस्पताल व मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. साथ ही अस्पतालों में वाहन पार्किंग की समस्या का समाधान किया जायेगा. इसके अलावा जांचोपरांत ही अटेंडरों को मरीजों से मिलने की अनुमति दी जायेगी. मरीजों के अटेंडरों के विश्राम के लिए रेलवे अस्पतालों के बाहर प्रतीक्षालय व शेड बनाया जायेगा.
