चक्रधरपुर: देशभर के रेलवे कर्मचारियों की निगाहें इस बार के दुर्गापूजा बोनस पर टिक गयी हैं. चक्रधरपुर रेल मंडल में भी उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) को लेकर रेलकर्मियों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.
ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन (एआइआरएफ) के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा के चक्रधरपुर आगमन के बाद से रेलकर्मियों की उम्मीदें और अधिक परवान चढ़ गयी हैं. श्री मिश्रा द्वारा बोनस राशि में बड़े बदलाव का भरोसा दिए जाने के बाद से कर्मचारियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
बोनस बढ़ाने की मांग तेज
चक्रधरपुर रेल मंडल के दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन के मंडल संयोजक एमके सिंह ने बताया कि दशहरा त्योहार से ठीक पहले मिलने वाले बोनस की गणना सीमा को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
यूनियन की ओर से मांग की गयी है कि बोनस की गणना सीमा को मौजूदा 7 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे 21 हजार रुपये किया जाए. इस संबंध में ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन के महामंत्री व नेशनल काउंसिल (जेसीएम) के नेता शिवगोपाल मिश्रा ने देश के कैबिनेट सचिव को आधिकारिक पत्र भेजकर नियमों में बदलाव की पुरजोर मांग की है.
तीन गुना बढ़ोतरी की संभावना
यदि केंद्र सरकार कर्मचारियों के हक में यह बड़ा निर्णय लेती है, तो रेलवे कर्मचारियों की झोली में इस बार बंपर सौगात आएगी. वर्तमान नियमों के तहत मिलने वाले 17,951 रुपये के मुकाबले कर्मचारियों को सीधे 53,855 रुपये बोनस के रूप में मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा. देश में न्यूनतम मजदूरी दरों और मौजूदा बोनस एक्ट के प्रावधानों में आए बदलावों का हवाला देते हुए यूनियन ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है.
त्योहारों से पहले कर्मचारियों में उत्साह का माहौल
बोनस गणना की सीमा को तीन गुना बढ़ाने की इस मांग के बाद चक्रधरपुर रेल मंडल समेत पूरे दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र के कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गयी है. कर्मचारियों का मानना है कि यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक निर्णय लिया, तो इस बार रेलकर्मियों के लिए पर्वों की खुशियां कई गुना बढ़ जाएंगी. फिलहाल, रेलवे संगठनों की नजरें केंद्र सरकार के आगामी फैसलों पर टिकी हुई हैं.
