Chaibasa News : चाईबासा में बिक रहे मिलावटी पनीर व मिठाई

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस आज. मिलावटी भोजन से बचने के लिए सतर्कता बरतें, खुशहाल जीवन के लिए पर्याप्त पौष्टिक भोजन जरूरी

चाईबासा.

कहीं आप मिलावटी भोजन तो नहीं कर रहे हैं? चाईबासा शहर में मिलावटी पनीर और मिठाई सबसे अधिक बिक रहे हैं. दूषित या मिलावटी भोजन आपको गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं. इसके कारण दुनिया भर में हर साल लाखों लोग बीमार पड़ते हैं. खुशहाल जीवन के लिए पर्याप्त पौष्टिक भोजन जरूरी है. इसे लेकर हर साल सात जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है.

2024 में 33 सैंपल की जांच में चार फेल मिले

चाईबासा में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने वर्ष 2025 में 14 जगहों में छापेमारी कर कुल 14 सैंपल को जांच के लिए भेजा है. वहीं, वर्ष 2024 में 80 खाद्य कारोबारियों के यहां निरीक्षण किया गया. इस दौरान 33 सामग्रियों के सैंपल की जांच की गयी. इसमें चार चार सैंपल फेल हो गये थे. तीन कारोबारियों पर जुर्माना लगाया गया. मिठाई के एक नमूना में अखाद्य रंग का मिलावट मिला. मामले को कोर्ट में भेजने की तैयारी है. अन्य नमूने पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है.

उपयोग से पहले परखना जरूरी

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के मुताबिक, खुला पनीर की जगह पैक्ड पनीर का इस्तेमाल करें. खाद्य पदार्थ का इस्तेमाल से पूर्व एक्सपायरी डेट जरूर जांच लें. ठेला- खोमचा की खाद्य सामग्री का इस्तेमाल से पहले पता करें कि अखाद्य रंग तो नहीं मिलाया गया है. रंग मिलाने के सबसे ज्यादा मामले मिठाइयों में मिले हैं.

कैसे जानें पनीर में मिलावट है? विभाग के अनुसार, मिलावटी पनीर से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है. उपयोग से पहले आयोडीन सॉल्यूशन की दो बूंद डालकर जांच कर सकते हैं. पनीर में मिलावट होने पर उसका रंग काला पड़ जायेगा.

फूड लाइसेंस, गुणवत्ता व साफ-सफाई पर विभाग सख्त

हमें खाद्य सुरक्षा के महत्व को समझना जरूरी है. यह हमारे स्वास्थ्य और आर्थिक उन्नति से सीधा जुड़ा है. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने शहर के सभी खाद्य कारोबारियों को फूड लाइसेंस लेने और अपने प्रतिष्ठान में प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है. वहीं, होटल, ढाबा व रेस्टोरेंट संचालकों को आवश्यक साफ-सफाई रखने, एप्रन एवं ग्लब्स पहन कर खाना बनाने का निर्देश दिया है. कच्चे खाद्य सामग्री (आटा, मैदा, तेल, पनीर, खोआ व मसाला आदि) का एक्सपायरी डेट व गुणवत्ता सुनिश्चित करने के बाद इस्तेमाल करने, गाय छाप या चंपई रंग का प्रयोग नहीं करने, अधिक मात्रा में फूड कलर का उपयोग नहीं करने का निर्देश दिया है.

… तो खाद्य सुरक्षा कार्यालय में शिकायत करें

जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि अगर कहीं भी मिलावटी या खराब गुणवत्ता और गंदगी की जानकारी मिले, तो सदर अस्पताल स्थित खाद्य सुरक्षा कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं. शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AKASH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >