चास प्रखंड अंतर्गत मिर्धा पंचायत के चड़गोई निवासी 24 वर्षीय कार्तिक सरदार की मौत आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में करंट लगने से हो गयी. कार्तिक दिहाड़ी मजदूरी करने दो महीने पहले वहां गया था. गुरुवार की देर रात काम के दौरान करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही मौत हो गयी. कार्तिक अपने परिवार का इकलौता सहारा था. परिवार में बीमार और बुजुर्ग पिता सुदर्शन सरदार के अलावा एक अविवाहित बहन है. मां की मौत पहले ही हो चुकी है.
10 लाख रुपये मुआवजा की मांग
घटना की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर छा गयी. परिजन और ग्रामीण जेएलकेएम केंद्रीय महासचिव अर्जुन रजवार से मिले. परिजनों ने कंपनी से 10 लाख रुपये मुआवजा दिलाने और शव भिजवाने की व्यवस्था कराने की मांग रखी. श्री रजवार ने फोन पर कंपनी के अधिकारी से बात की. कंपनी की ओर से चार लाख रुपया मुआवजा और पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से शव गांव भेजने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन परिजन इस पर सहमत नहीं हुए. अर्जुन रजवार ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मृतक के परिजन को उचित मुआवजा देने की मांग की.
