बोकारो. कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर बोकारो इस्पात डिप्लोमाधारी कामगार यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को बीएसएल एचआरडी जीएम अंजनी कुमार व एच शेखर से मुलाकात की. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और पुराने प्रावधानों की समीक्षा की मांग की.
मेडिकल ग्राउंड पर क्वार्टर आवंटन का प्रावधान बदलने की मांग
यूनियन के महामंत्री संदीप कुमार ने कहा कि मेडिकल ग्राउंड पर क्वार्टर आवंटन के लिए फिलहाल सात बीमारियों का उल्लेख किया गया है. वर्तमान समय में कर्मचारियों के वृद्ध माता-पिता को घुटने की समस्या समेत कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होती हैं. ऐसे में पुराने प्रावधान की समीक्षा करते हुए घुटने और अन्य गंभीर बीमारियों को भी मेडिकल ग्राउंड की श्रेणी में शामिल किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को कार्यरत रहते हुए उच्च शिक्षा प्राप्त करने पर फिलहाल 10 हजार रुपये एजुकेशन इंसेंटिव देने का प्रावधान है. कई कर्मचारी अपने खर्च पर प्रोफेशनल कोर्स और उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं, जिस पर काफी अधिक खर्च आता है. महंगाई को देखते हुए एजुकेशन इंसेंटिव के पुराने प्रावधान की समीक्षा कर इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाना चाहिए.
आश्रित के इलाज के लिए विशेष अवकाश की मांग
यूनियन अध्यक्ष रवि शंकर ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के आश्रित को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहर के अस्पताल में रेफर किया जाता है, तो उसकी देखभाल के लिए कर्मचारी को विशेष अवकाश दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विशेष अवकाश का प्रावधान नहीं होने की स्थिति में कर्मचारियों को जमा अर्ध-वेतन अवकाश इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए.
उन्होंने कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए पुराने इंसेंटिव रिवॉर्ड स्कीम में भी बदलाव की मांग की. वार्ता के दौरान सहायक मंत्री पप्पू यादव, कोषाध्यक्ष सोनू शाह, संगठन मंत्री संजय कुमार, नितेश कुमार सिंह समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे.
