Bokaro News : पोस्टमार्टम के लिए 50 किमी दूर ले जाना पड़ता है शव

Bokaro News : बेरमो, चंद्रपुरा व नावाडीह प्रखंड और फुसरो नगर परिषद क्षेत्र में एक भी पोस्टमार्टम हाउस नहीं है.

By JANAK SINGH CHOUDHARY | January 7, 2026 10:53 PM

बेरमो, चंद्रपुरा व नावाडीह प्रखंड और फुसरो नगर परिषद क्षेत्र में एक भी पोस्टमार्टम हाउस नहीं है. इसके कारण दुर्घटनाओं में मौत होने के बाद पोस्टमार्टम के लिए मृतक के परिजनों को फजीहत उठानी पड़ती है. पोस्टमार्टम कराने के लिए शव 45-50 किमी दूर चास अनुमंडलीय अस्पताल या तेनुघाट सदर अस्पताल ले जाना पड़ता है. पोस्टमार्टम के लिए एक दिन का समय लग जाता है. समय पर पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंच पाने पर रात भर शव के साथ लोगों को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर या घर पर इंतजार करना पड़ता है. इसके कारण शव का अंतिम संस्कार समय पर नहीं हो पाता है. पोस्टमार्टम के लिए शव चास या तेनुघाट ले जाने के लिए खर्च भी अधिक होता है. किराये पर वाहन के लिए चार-पांच हजार रुपये तक खर्च करना पड़ता है. ऐसे में गरीबों को परेशानी होती है. क्षेत्र के लोग स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समय-समय पर क्षेत्र में पोस्टमार्टम हाउस की मांग करते रहे हैं. क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बेरमो, नावाडीह व चंद्रपुरा क्षेत्र में पिछले 10-15 वर्षों में कई बड़े- बड़े अस्पताल भवनों का निर्माण भी हुआ. नावाडीह के कटघरा में सीएचसी का भव्य अस्पताल भवन है. दुगदा के रटारी, अलारगो के गटीगढा, गोविंदपुर बी पंचायत के फेस टू, चलकरी के अलावे कई स्थानों पर बने 30-30 बेड के अस्पताल भवन बनाये गये है. लेकिन कहीं पोस्टमार्टम हाउस नहीं है.

विधायक ने सिविल सर्जन को लिखा है पत्र

बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सिंह ने 12 जून 2025 को बोकारो के सिविल सर्जन को पत्र भेज कर गांधीनगर थाना क्षेत्र के बारीग्राम में बने छह बेड के अस्पताल भवन में पोस्टमार्टम हाउस खोले जाने का प्रस्ताव भेजा था. इस संबंध में विधायक ने सिविल सर्जन से बात कर जल्द इस पर पहल करने का निर्देश भी दिया था. मालूम हो कि पूर्व में बेरमो अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में पोस्टमार्टम हाउस बनाने का प्रस्ताव था. लेकिन यहां जगह की कमी थी और आसपास में आबादी भी काफी है. इसके कारण यहां पोस्टमार्टम हाउस नहीं बन सका.

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