Bokaro News : छोटे मामलों का निपटारा आपस में करें

Bokaro News : 'प्रभात खबर' लीगल काउंसेलिंग में पाठकों को कानूनी सलाह दी गयी.

पति-पत्नी के छोटे-छोटे झगड़े, मारपीट जैसे छोटे-छोटे मामले बढ़ रहे हैं. आपसी पहल से इन छोटे मामलों का निपटारा किया जा सकता है. छोटे मामलों में बात बढ़ने से पहले बुद्धिजीवियों की मदद से सलटाने का प्रयास करना चाहिए. बुद्धिमानी भी इसी में है. कानूनी पचड़ों से बचा जा सकता है. केस मुकदमा में समय की बर्बादी होती है. साथ ही आर्थिक व मानसिक परेशानी होती है. यह बातें रविवार को ”प्रभात खबर” लीगल काउंसेलिंग के दौरान बोकारो न्यायालय की अधिवक्ता कुमारी संगीता वर्णवाल ने कही. धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, कोडरमा, बगोदर सहित अन्य जगहों के पाठकों के लगातार फोन आते रहे. श्रीमती वर्णवाल ने सभी के सवालों के जवाब दिये. कानून के तहत समाधान की राह बतायी.

पाठकों को दिये गये सलाह

बोकारो से संजय कुमार का सवाल : उपभोक्ता फोरम से लाभ लेने के लिए क्या करना पड़ता है. इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है.

अधिवक्ता की सलाह : उपभोक्ता फोरम में ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है. इसके बाद संपर्क करने पर सही जानकारी मिलेगी.

मिर्जागंज से रंजीत वर्मा का सवाल : बिना किसी प्रमाण के किसी को पुलिस जेल भेज देती है, तो क्या करना चाहिए.

अधिवक्ता की सलाह : परिजन तुरंत एसपी को आवेदन के माध्यम से जानकारी देकर जांच की मांग करें. फरियाद नहीं सुनने की स्थिति में अधिवक्ता के माध्यम से इसकी जानकारी न्यायालय को दें. इंसाफ मिलेगा.

गिरिडीह से विजय कुमार का सवाल : दुकान से सामान की खरीदारी की थी. रसीद नहीं ले पाया. अब सामान खराब है. ऐसे में क्या किया जा सकता है.

अधिवक्ता की सलाह : बिना रसीद के उपभोक्ता फोरम में नहीं जा सकते हैं. रसीद लेने का प्रयास करें, ताकि फोरम से न्याय मिल पाये.

बगोदर से सुबल के सवाल : मेरे पिता ने दो शादी की है. मैं पहली पत्नी का पुत्र हूं. पिता ने अपनी संपत्ति बेच दी है. अब मेरे नाम की जमीन बेचना चाहते है. क्या करें.

अधिवक्ता की सलाह : जमीन के कागजात एकत्रित कर लें. अधिवक्ता के माध्यम से मामला न्यायालय में लेकर जाये. हर हाल में आपके पक्ष में फैसला आयेगा.

सिंदरी के संजय कुमार का सवाल : खतियान में छोटे बेटे का नाम है. लेकिन बड़े बेटे के पुत्र ने उस जमीन को बेच दिया. ऐसे में क्या उस जमीन को हासिल किया जा सकता है.

अधिवक्ता की सलाह : जमीन जिसके नाम का है, वही व्यक्ति उसे बेच सकता है. कोई दूसरा बेच दे तो जिसके नाम से जमीन है, वह कोर्ट में आवेदन दे. मामला उसके पक्ष में जायेगा.

बोकारो से प्रकाश वर्मा का सवाल : मेरे ससुर की संपत्ति में मेरी पत्नी को कैसे हिस्सा मिलेगा. इसके लिए क्या करना होगा. कौन सा कानूनी रास्ता है.

अधिवक्ता की सलाह : आपके ससुर को वसीयत बनानी होगी, जिसमें आपकी पत्नी का नाम होगा. वसीयत रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्रार के सामने बनायी जा सकती है.

धनबाद से सुनील मिश्रा का सवाल : चाचा का कोई वंश नहीं है. गोतिया उनकी जमीन पर कब्जा जमा रहे हैं. ऐसे में क्या करना होगा.

अधिवक्ता की सलाह : टाइटल पार्टिशन शूट कोर्ट में दाखिल करें. इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. जमीन आपके हक में जायेगी.

गिरिडीह के ब्रजेश तिवारी का सवाल : घर में जमीन का बंटवारा किया गया है. मुझे मनोनुकूल जमीन नहीं मिला. क्या करना होगा.

अधिवक्ता की सलाह : पहले आपसी समन्वय बना कर हल निकालने का प्रयास करें. ऐसा नहीं होने पर न्यायालय की शरण में जायें.

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By JANAK SINGH CHOUDHARY

JANAK SINGH CHOUDHARY is a contributor at Prabhat Khabar.

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