बेरमो. इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ की सीसीएल रीजनल कमेटी का सम्मेलन रविवार को रजरप्पा क्षेत्र अधिकारी क्लब में हुआ. इसमें सीसीएल के तमाम क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. मुख्य रूप से इंटक व राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ददई दुबे व महासचिव ललन चौबे उपस्थित थे. श्री दुबे ने कहा कि वर्तमान में कोयला मजदूरों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. केंद्र सरकार के इशारे पर कोल इंडिया मजदूर विरोधी नीतियों को लागू करने को आमादा है. श्रम कानून में संशोधन किये जा रहे है. प्रबंधन नहीं चेता तो पूरे सीसीएल का चक्का जाम किया जायेगा. कहा कि अब भी समय है, कोयला मजदूर एकजुट होकर कोल इंडिया व सीसीएल प्रबंधन की मजदूर व उद्योग विरोधी नीतियों का विरोध करें.
संगठन के विस्तार व मजबूती को लेकर कई निर्णय
श्री चौबे ने कहा कि राकोमसं मजदूरों का एकमात्र भरोसेमंद संगठन है. राकोमसं सीसीएल के मजदूरों की मांगों को एकत्र कर मुख्यालय को जल्द मांग पत्र सौंपेगा. सकारात्मक पहल नहीं की गयी तो आंदोलन किया जायेगा. मौके पर राकोमसं के कथारा क्षेत्रीय सचिव वरुण कुमार सिंह को रीजनल कमेटी का वरीय उपाध्यक्ष चुना गया. उन्होंने कहा कि सीसीएल की मजदूर विरोधी नीतियों को चलने नहीं दिया जायेगा. सर्वसम्मति से संगठन के विस्तार व मजबूती को लेकर कई निर्णय लिये गये. मौके पर रीजनल अध्यक्ष इसराफिल अंसारी, अभय दूबे, वरुण कुमार सिंह, उदय प्रताप सिंह, ऋषिकेश मिश्रा, मो जानी, देवतानंद दूबे, मंगरा उरांव, बच्चन पांडे, खजांची राम, कमल दुबे, दीनानाथ पांडे, वकील अंसारी, विकास कुमार सिंह, राजकुमार साव, विनय कुमार, मो फारुक, बीके श्रीवास्तव, गुलाम हसनैन, भैरोलाल प्रजापति, हरेंद्र सिंह, इस्लाम अंसारी, बीएन पांडे, सतीश पांडे सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
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