12 अप्रैल को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के सफल संचालन को लेकर बुधवार को शिबू सोरेन स्मृति भवन में ब्रीफिंग सत्र हुई. डीसी अजयनाथ झा ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता व पारदर्शिता बनाये रखना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. बोकारो का नाम खराब नहीं होना चाहिए, इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी जेपीएससी के एसओपी का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें. दायित्वों का जिम्मेदारी व सतर्कता के साथ निर्वहन करें. परीक्षा में कदाचार की आशंका को समाप्त करने के लिए डीसी ने एसपी को परीक्षा से पूर्व जिला के सभी होटल, लॉज व ठहराव स्थल की जांच करने की बात कही. मालूम हो कि जिला में परीक्षा को लेकर 27 केंद्र बनाये गये हैं. 12840 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे.
सीसीटीवी कैमराें से होगी निगरानी
एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि अनियमितता, कदाचार या बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए दंडाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है. सभी परीक्षा केंद्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी. संदिग्ध व्यक्तियों व गतिविधियों पर नजर रखी जाये. परीक्षा केंद्र के आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं लगने दी जाये. आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष या वरीय पदाधिकारी को अवगत कराते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो.
सभी केंद्रों में सीसीटीवी कैमराें से निगरानी होगी. प्रत्येक अभ्यर्थी की बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी. प्रवेश के समय सघन जांच की जायेगी. परीक्षा कक्ष में प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर रोक रहेगी. डीसी ने कहा कि परीक्षा केंद्रों के गेट समय पर खोल दिये जाये, ताकि अभ्यर्थियों की सुगम एंट्री सुनिश्चित हो सके. पहचान पत्र की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाये. महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग से महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित हो. परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू करने सहित आवश्यक कानूनी प्रावधान का पालन किया जाये. मौके पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी सफीक आलम, एनडीसी प्रभाष दत्ता, डीएसओ शालिनी खालको, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा, जिला शिक्षा अधीक्षक अतुल कुमार चौबे, बेरमो एसडीओ मुकेश मछुआ, डीपीआरओ रवि कुमार व अन्य मौजूद थे.