कभी स्वर्ग था कतरास, जवाबदेहों की उपेक्षा ने इसे नर्क बना दिया, ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ में छलका लोगों का दर्द

Prabhat Khabar Aapke Dwar in Katras: ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ में कतरास के लोगों ने कहा कि कतरास कभी स्वर्ग हुआ करता था. जिम्मेदार लोगों की अनदेखी ने इसे नर्क बना दिया. लोगों ने और क्या-क्या कहा, यहां पढ़ें.

Prabhat Khabar Aapke Dwar in Katras: प्रभात खबर आपके द्वार का आयोजन रविवार को कतरास-राजगंज रोड स्थित राजस्थानी समाज भवन में किया गया. इसमें कतरास के सभी वर्गों के प्रबुद्ध लोगों ने भाग लिया. इस दौरान जहां लोगों ने कतरास के गौरवशाली अतीत को याद किया, वहीं वर्तमान समस्याओं की भी खुल कर चर्चा की. सबका कहना था कि पहले देश के किसी भी कोने में धनबाद की पहचान कतरास से ही होती थी. रोजगार की कभी कमी नहीं होती थी, तो आपसी भाईचारे की भी चर्चा दूर-दूर तक होती थी. तब संसाधन कम थे, पर सुविधाएं ज्यादा थीं, पर अब संसाधन बढ़ गये हैं, शिक्षा की व्यवस्था भी हो गयी है, पर परेशानियां बढ़ती जा रही हैं. नागरिक सुविधाओं की भी घोर कमी हो गयी है. जाम, बिजली, पानी व आवारा पशुओं के आतंक से सब परेशान हैं. पढ़ें किसने क्या कहा और कौन-कौन से मुद्दे उठे.

वार्ड चार में पानी की दिक्कत : राममूर्ति सिंह

निवर्तमान पार्षद राममूर्ति सिंह कहते हैं कि वार्ड चार में पीने के पानी की गंभीर समस्या है. इस समस्या के खिलाफ आवाज उठाया जाता है, लेकिन न तो बीसीसीएल और न ही संबंधित विभाग इस पर ध्यान देता है. गर्मी के दिनों में तो हाल बद से बदतर हो जाता है. इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

अस्पताल में हो चिकित्सकों की व्यवस्था : दीपक मिश्रा

फार्मासिस्ट दीपक मिश्रा कहते हैं कि तिलाटांड़ अस्पताल कोयलांचल की लाइफ लाइन है, पर यहां चिकित्सकों की कमी है. कभी इस इलाके के लोगों के का यह मुख्य अस्पताल हुआ करता था, इसे ठीक किया जाये. पचगढ़ी बाजार में जाम के कारण मरीजों को आने-जाने में परेशानी होती है.

जाम है कतरास की मुख्य समस्या : विजय गुप्ता

व्यवसायी विजय गुप्ता कहते हैं कि कतरास की मुख्य समस्या जाम है. कतरास में एक वैकल्पिक सड़क का निर्माण होने से पचगढ़ी बाजार में सड़क पर लोड कम होगा. केशलपुर रोड से अंगारपथरा के बीच अगर सड़क बने, तो जाम से हद तक मुक्ति मिल सकती है.

इलाके को लेकर जो बातें हुईं

  • आवारा पशुओं का आतंक कम हो
  • जगह-जगह कचरे का ढेर है
  • जल संकट से तबाही है
  • क्षेत्रीय चिकित्सालय में सुविधा का अभाव
  • अतिक्रमण से सड़कें हुईं संकरी
  • पार्किंग नहीं होने से बाजार आने से कतराते हैं संभ्रांत लोग
  • कोल डस्ट से सड़कें हो रही हैं खराब

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रोशनी की व्यवस्था हो : अशोक चौरसिया

बिल्डर अशोक चौरसिया कहते हैं कि इलाके में पानी, बिजली व यातायात की बड़ी समस्या है. सोनारडीह, गौशाला व रेलवे फाटक पर जाम लगते रहता है. इससे निजात दिलाने के लिए पहल होनी चाहिए. इसके लिए जवाबदेहों को जगना होगा.

महिलाओं को है परेशानी : शालिनी गुप्ता

माहुरी महिला समिति की शालिनी गुप्ता ने कहा है कि महिलाओं को जाम से काफी दिक्कत होती है. कतरास के सांड का आतंक है. अक्सर लोगों का सामान झपट लेते हैं. कई लोगों को गंभीर रूप से घायल कर चुके हैं. इनसे निजात दिलाने की जरूरत है. सार्वजनिक शौचालय भी नहीं है.

निगम व बिजली विभाग से संबंधित जो मुद्दे आये

  • नगर निगम केवल टैक्स लेता है, सुविधा नहीं देता
  • वर्षों से जलजमाव व नाली का संकट
  • आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान हैं लोग
  • राजगंज की बिजली खराब होती है, तो कतरास की काट दी जाती है

निगम सुविधा दे : संगीता जालान

मारवाड़ी महिला समिति की संगीता जालान ने कहा कि इलाके में नगर निगम की ओर से कोई सुविधा नहीं है. यहां नागरिक सुविधाएं मिले. कतरासगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए, ताकी यहां के लोग दूर-दराज तक जा सकें.

पासीटांड़ कॉलोनी में है पानी की समस्या : रामबचन पासवान

रामबचन पासवान ने कहा कि पासीटांड़ कॉलोनी में पीने के पानी की काफी समस्या है. लोगों को दूसरी जगह पर जाकर पानी लाना पड़ता है. इसके अलावा कतरास में जाम की समस्या जबरदस्त है. हर रोज लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है.

बच्चों व टोटो चालकों को लेकर जो कहा गया

  • स्कूलों में बच्चों में लिखने-पढ़ने की कला विकसित करनी होगी
  • नशे का बढ़ रहा है प्रचलन, हद है कि शिक्षण संस्थानों में भी नशा कर आ रहे विद्यार्थी
  • पढ़ने-लिखने से दूर हो रहे हैं यूथ
  • टोटो चालकों से परेशानी, जहां-तहां खड़ा करते हैं वाहन
  • नाबालिग चालक बन रहे समस्या
  • रफ ड्राइविंग व मनबढ़ू चालकों से तबाही

जलजमाव से होती है परेशानी : मनोज गुप्ता

कतरास चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव मनोज गुप्ता ने कहा कि बरसात में राजगंज रोड में जलजमाव होता है. विद्युत संकट से लोग परेशान रहते हैं. नगर निगम की अकर्मण्यता से नगर निगम नरक निगम बन गया है. शहर की सफाई के नाम पर नाली का स्लैब तोड़ दिया जाता है. कुछ जरूरी कदम उठाया जाये.

सड़कों की हालत है खराब : सतीश सिंह

बालिका उच्च विद्यालय मोदीडीह के प्राचार्य सतीश सिंह ने कहा कि नया मोड़ से सिजुआ मोड़ तक सड़कों की हालत खराब है. सिजुआ स्टेडियम के बगल में स्विमिंग पुल के नाम पर गड़बड़ी हुई है. पाइप व मोटर चोरी हो गये हैं. सिजुआ स्टेडियम में हमेशा पानी की समस्या बनी रहती है.

जो सुझाव सामने आये

  • इलेक्ट्रॉनिक वेस्टेज बढ़ रहे हैं, इनकाे नष्ट करने की व्यवस्था हो
  • कलाकारों के लिए मंच उपलब्ध कराया जाये
  • स्थायी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती हो
  • कतरास थाना का बाउंड्री छोटा करने से जाम की समस्या दूर होगी
  • अनुशासन और ट्रैफिक रूल का पालन करना जरूरी
  • फुटपाथों से अतिक्रमण हटाया जाये
  • बीसीसीएल अपने सीएसआर फंड का सही इस्तेमाल
  • पार्किंग की व्यवस्था हो
  • नगर निगम योजना बनाकर नालियों का निर्माण व सफाई करे
  • टोटो का रूट तय हो, नियम तोड़ने पर दंड मिले
  • पचगढ़ी में लोड को देखते हुए वैकल्पिक सड़क का निर्माण

विद्यार्थी हैं दिग्भ्रमित : डॉ रंजीत कुमार

गुरुकुल कतरास के निदेशक डॉ रंजीत कुमार ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था से छात्र दिग्भ्रमित हो गये हैं. उन्हें लिखने-पढ़ने में मन नहीं लगता है. शिक्षक अगर डांटते हैं, तो उसका उल्टा असर पड़ता है. अभिभावक भी पढ़ाने के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं.

अतिक्रमण हटाया जाये : अविनाश गुप्ता

आयकर अधिवक्ता अविनाश गुप्ता ने कहा कि नदी किनारे से राजस्थानी समाज भवन तथा थाना चौक से कैलुडीह तक अतिक्रमण है. टोटो की अधिकता परेशानी का कारण है. नाबालिग टोटो चलाते हैं. थाना चौक पर ट्रैफिक पोस्ट बन जाये, तो जाम पर अंकुश लगेगा.

जाम से निजात के लिए हो पुलिस की तैनाती : प्रभाष वर्मा

व्यवसायी प्रभास वर्मा ने कहा कि कतरास में जाम की समस्या पुरानी है. ट्रैफिक पुलिस की नियुक्ति से इस पर अंकुश लग सकता है. सड़कें चौड़ी नहीं कर सकते इसलिए एडजस्ट कर के चलना होगा. सबको मिल कर सुधार करना होगा.

सांड़ से बचाव की हो व्यवस्था : मोहन प्रसाद लाला

शिक्षाविद मोहन प्रसाद लाला ने कहा कि कतरास में सांड का आतंक चरम पर है. कतरास की पानी की समस्या का समाधान दामोदर नदी से इलाके की पेयजल को जोड़ने पर ही हो सकता है. गुहीबांध को अतिकमण से मुक्त किया जाना चाहिए.

सड़क पर हो लाइट की व्यवस्था : उदय वर्मा

चैंबर ऑफ कॉमर्स कतरास बाजार के अध्यक्ष उदय वर्मा ने कहा कि फोरलेन बनने के बाद पुरानी सड़क पर लाइटिंग की कमी है. इससे लोगों काे काफी दिक्कत होती है. रात में परेशानी होती है. इसे दूर करने से काफी राहत मिलेगी. इसके लिए संबंधित अधिकारी को ध्यान देना होगा.

कतरास को बेहतर बनाये रखना सबकी जवाबदेही : डॉ मधुमाला

समाजसेविका डॉ मधुमाला ने कहा कि समस्या का होना सामान्य बात है, पर इसका निदान तभी हो सकता है, जब समाज का हर वर्ग साथ दे. कतरास झारखंड ही नहीं पूरे भारत की पहचान है. इसको बेहतर बनाये रखना सबकी जवाबदेही है.

कतरास में पानी की गंभीर समस्या : विणु गुप्ता

माहुरी महिला समिति की विणु गुप्ता ने कहा कि कतरास में पानी की गंभीर समस्या रहती है. गर्मी में पानी खरीदकर पीना पड़ता है. माडा का भी पानी समय पर नहीं मिलता है. बहुत दिक्कत होती है. इसका समाधान होना जरूरी है. खास कर महिलाएं तबाह हैं.

गंदगी से है परेशानी : अंशु अग्रवाल

मारवाड़ी महिला समिति की अंशु अग्रवाल ने कहा कि कतरास शहर में पानी, जाम, बिजली की समस्या से लोग हमेशा जूझते रहे हैं. शहर की साफ-सफाई भी धरातल पर नजर नहीं आती है. इस कारण लोग गंदगी व बदबू से हमेशा परेशान रहते हैं.

उठे सवाल : बच्चे क्यों चलाते हैं टोटो

सबसे अधिक सवाल बच्चों के टोटो चलाने पर हुई. लोगों ने कहा कि बच्चे सिगरेट पीते, मोबाइल चलाते, ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते टोटो चलाते हैं. इस कारण जाम के साथ-साथ दुर्घटनाएं होती हैं. ऐसे टोटो वालों पर दंड का प्रावधान होना चाहिए.

निगम पर लगे लगाम

लोगों ने नगर निगम पर भी लगाम लगाने की बात कही. कहा कि नगर निगम की बड़े-बड़े कचरा वाहन शहर में सरपट दौड़ते हैं. इससे जाम में और इजाफा हो जाता है. इस पर लगाम लगे. निगम टैक्स लेता है तो सुविधाएं भी दे.

कार्यक्रम में ये लोग भी हुए शामिल

कार्यक्रम में विक्की सिंह, किशोरी गुप्ता, इंदर सिंह, परवेज इकबाल, बालगोविंद गुप्ता, नासिर, संतोष जालान, सुरेश चौधरी, मासूम खान, हरिश्चंद्र गुप्ता, राजेश कुमार रवि, मीना अग्रवाल, धर्मदास वर्मा, अजीत गुप्ता, संगीता गुप्ता, रजनी गुप्ता, महावीर भुआलका ,अनिता गुप्ता, रजनी गुप्ता आदि शामिल थे. प्रभात खबर के वरीय संपादक जीवेश रंजन सिंह ने विषय प्रवेश कराया और सबों से मिलजुल कर काम करने की बात कही.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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