केंद्रीय वन पर्यावरण सुरक्षा सह प्रबंधन समिति की ओर से शुक्रवार को कसमार प्रखंड के हिसीम पंचायत भवन में महिला समूहों के साथ बैठक की गयी. बैठक में आगामी 30 अगस्त को महादेवबेड़ा जंगल में आयोजित होने वाले रक्षा बंधन कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा की गयी.
कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, वन सुरक्षा समितियों के सदस्यों, महिला समूहों एवं ग्रामीणों की भागीदारी होगी. इस दौरान जंगल के पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर वन संरक्षण का संकल्प लिया जाएगा.
बैठक में केंद्रीय समिति के अध्यक्ष विष्णु चरण महतो, केंद्रीय कोषाध्यक्ष आनंद कुमार महतो, हिसीम पंचायत की मुखिया बबीता देवी समेत समिति के पदाधिकारी एवं विभिन्न महिला समूहों की सदस्य मौजूद थीं.
बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों, ग्रामीणों की भागीदारी तथा आयोजन को सफल बनाने को लेकर चर्चा की गयी. केंद्रीय अध्यक्ष विष्णु चरण महतो ने कहा कि समिति की ओर से पिछले कई दशकों से रक्षा बंधन के अवसर पर जंगल में पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा निभायी जा रही है.
इससे ग्रामीणों का जंगल के साथ भावनात्मक रिश्ता मजबूत होता है और वन संरक्षण के आंदोलन को भी मजबूती मिलती है. उन्होंने अधिक से अधिक ग्रामीणों और महिला समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की.
मुखिया बबीता देवी ने कहा कि जंगल केवल पेड़-पौधों का समूह नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन और आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है. इसकी रक्षा में महिलाओं और ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है. रक्षा बंधन जैसे आयोजन लोगों में जंगल के प्रति अपनापन और जिम्मेदारी की भावना पैदा करते हैं.
केंद्रीय कोषाध्यक्ष आनंद कुमार महतो एवं उपाध्यक्ष गंगाधर महतो ने कहा कि वन संरक्षण तभी प्रभावी होगा, जब ग्रामीण स्वयं जंगल को अपनी जिम्मेदारी समझेंगे. उन्होंने महिला समूहों से भी वन सुरक्षा अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया. बैठक में कार्यक्रम को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने पर सहमति बनी.
