अब बीएसएल जारी करेगा सीएलसी सर्टिफिकेट : राजेंद्र सिंह

ठेका मजदूरों की समस्याओं के समाधान को लेकर एचएमएस की प्रबंधन के साथ वार्ता

बोकारो. ठेका मजदूरों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए बुधवार को क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ (एचएमएस) के हड़ताल नोटिस के मद्देनजर सेल-बोकारो इस्पात संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक (सेवाएं) कार्यालय पर यूनियन व प्रबंधन के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई. वार्ता में प्रबंधन की ओर से मुख्य महाप्रबंधक (सेवाएं), मुख्य महाप्रबंधक यातायात व यूनियन की ओर से संघ के महामंत्री राजेंद्र सिंह, यातायात विभाग के यूनियन प्रतिनिधि सुभाषचंद्र कुंभकार प्रमुख रूप से उपस्थित थे. वार्ता में श्री सिंह ने मजदूरों की लंबित मांगों पर कहा कि आज हिंदुस्तान स्टील वर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (एचएससीएल) मजदूरों के शोषण का चोर रास्ता बन चुका है. यूनियन ने कई बार वार्ता और हड़ताल के ज़रिये प्रबंधन से मांग रखी कि जब एचएससीएल और आम ठेकेदारों के लिए खुली निविदा में एक हीं परिपाटी का पालन किया जाता है, तो मजदूरों के मिनिमम वेज के साथ अन्य सुविधाओं के भुगतान में अलग परिपाटी क्यों? सभी मजदूर बोकारो इस्पात संयंत्र के लिए काम कर रहें हैं. इसीलिए एक प्लांट एक विधान लागू होनी हीं चाहिए, तभी न्याय होगा. यूनियन ने हमेशा एचएससीएल में कार्यरत मजदूरों के हक और अधिकार के लिए संवैधानिक अधिकारों के तहत आवाज उठाया है. मुख्य महाप्रबंधक (सेवाएं) ने यूनियन से हड़ताल वापसी का आग्रह करते हुए कहा कि एक जुलाई 2024 से एचएससीएल के सभी मजदूरों के हक और अधिकारों के रक्षा के लिए अब सेल/बोकारो इस्पात संयंत्र का कार्मिक विभाग जवाबदेह होगा. अब बीएसएल के ठेका मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं की भांति, जैसे हाजिरी कार्ड, पे- स्लिप, नवीकृत मिनिमम वेज, सुरक्षा उपकरण जैसी सभी सुविधाएं एचएससीएल के ठेका मजदूरों को भी प्राप्त होगी. बीएसएल के ठेका मजदूरों की भांति एचएससीएल के ठेका मजदूरों के अधिकारों के रक्षा के प्रति सेल/बोकारो प्रबंधन का कार्मिक विभाग पूर्णतया जवाबदेह होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >