बोकारो थर्मल. बरवाबेड़ा के पुनर्वास स्थल में विस्थापितों एवं रैयतों की सभा सोमवार को हुई. मुख्य अतिथि सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि विस्थापितों द्वारा सीसीएल बीएंडके एरिया अंतर्गत फेज दो परियोजना में नियोजन की मांग जायज है. प्रबंधन को विस्थापितों व रैयतों को विश्वास में लेकर पारदर्शिता के साथ पुनर्वास का काम करना होगा. ऐसा नहीं हुआ तो सीसीएल का काम पूरी तरह बंद रहेगा. सीसीएल प्रबंधन को पूरा आंकड़ा दिखाना होगा कि कितने लोगों को पुनर्वास करना है. कितने लोगों की जमीन का अधिग्रहण किया है और कितने लोगों काे नियोजन दिया है. कितने लोगों काे नियोजन दिया जाना है.
सांसद ने पिछले दिनों पुलिस प्रशासन के बल पर सीसीएल प्रबंधन द्वारा जबरन पुनर्वास का कार्य करने को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन या पुलिस ऐसा करती है तो वह भुगतने को तैयार रहे. आज सीसीएल प्रबंधन का कोई भी अधिकारी कहने के बाद भी पूरे मामले को लेकर नहीं आये हैं. सभा का संचालन विस्थापित संघर्ष समिति के सचिव डॉ दशरथ महतो व धन्यवाद ज्ञापन नागेश्वर महतो ने किया. सभा में जानकी महतो, अनवर आलम, सांसद प्रतिनिधि दीपक महतो व जितेंद्र यादव, जिप सदस्य शहजादी बानो, नरेश प्रजापति, मंजूर आलम, विश्वनाथ यादव, दशरथ महतो, मुखिया विश्वनाथ महतो, सुनील महतो, मुन्ना साव, पूर्व जिप सदस्य टिकैत महतो, प्रफुल्ल ठाकुर, सीमा देवी, रोशन आरा, रोशनलाल यादव, शशि महतो, जलेश्वर महतो सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे.बीटीपीएस के एचओपी से भी कई मुद्दों पर की वार्ता
बाद में सांसद ने डीवीसी के निदेशक भवन में बीटीपीएस के एचओपी सुशील कुमार अरजरिया व डीजीएम प्रशासन बीजी होलकर के साथ वार्ता की. कहा कि बी पावर प्लांट का कार्य करने वाली कंपनी राधा स्मेलटर्स को निर्देश दिया जाये कि वह जल्द स्क्रैप की सफाई करे, ताकि 800 मेगावाट के नये पावर प्लांट के निर्माण को लेकर कार्रवाई शुरू की जा सके. नये पावर प्लांट के निर्माण को लेकर प्रधानमंत्री व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से वार्ता हो गयी है. एचओपी ने सांसद से कहा कि नये प्लांट के निर्माण को लेकर जमीन के सर्वे कराया जायेगा. पेंशनरों के आवास को लेकर एचओपी ने सांसद से मुख्यालय स्तर पर वार्ता करने की बात कही. कहा कि डीवीसी बोकारो थर्मल में भी विस्थापितों के मामले को लेकर कई बार वार्ता की गयी है, परंतु प्रबंधन टालमटोल कर रहा है. ऐश पौंड के 54 मजदूरों से भी एएमसी एवं एआरसी के तहत कार्य कराया जाये. एचओपी ने कहा कि नयी निविदा में ऐसा किया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
