बोकारो में मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के अनुसार वर्ष 2023-24 में मलेरिया के 3,157 मामले थे. वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा गिर कर 450 तक पहुंच गया. लेकिन वर्ष 2025-26 में 882 मामलों की पुष्टि हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है. मलेरिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अभियान चला रहा है. इसके बाद भी जिले के पांच प्रखंडों को संवेदनशील जोन में रखा गया है. मलेरिया से सबसे ज्यादा प्रभावित प्रखंडों में गोमिया, कसमार, बेरमो, पेटरवार व नावाडीह शामिल हैं. बोकारो स्टील सिटी व चास नगर निगम क्षेत्रों में भी मच्छरों का प्रकोप है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक भी मरीज की मौत मलेरिया से नहीं हुई है. जबकि गोमिया, कसमार, बेरमो, पेटरवार व नावाडीह के गांवों में सालो भर मलेरिया का प्रकोप रहता है. क्षेत्र में बुखार से मरने की खबर भी आती है.
स्वास्थ्य विभाग चला रहा अभियान
सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार मलेरिया से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. मच्छरदानी का वितरण, समय पर रसायन का छिड़काव, दवा का वितरण किया जाता है. जिला महामारी नियंत्रक पदाधिकारी पवन श्रीवास्तव ने कहा कि मलेरिया पैदा करने वाले परजीवी प्लाज्मोडियम के अंदर प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से साधारण दवाएं बेअसर हो गयी हैं. मरीजों के इलाज के लिए नयी दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है.
