एक अकाउंट और 94-95 लोगों के नाम से आवेदन, ऐसे हो रहा मंईयां सम्मान के लिए फर्जीवाड़ा

Maiya Samman Yojana Fraud: मंईयां सम्मान योजना में हर दिन या फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है. यूसुफ के बाद अब सूफनी खातून का मामला सामने आया है, जिसके बैंक अकाउंट से 94 आवेदन लिंक्ड मिले हैं. कैसे बंगाल के लोग झारखंड की महिलाओं का हक मार रहे हैं, पढ़ें ये रिपोर्ट.

Maiya Samman Yojana Fraud: झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है. बंगाल के लोग झारखंड की महिलाओं का हक मार रहे हैं और फर्जी तरीके से आवेदन करके मंईयां सम्मान योजना का लाभ ले रहे हैं. एक-एक बैंक अकाउंट से मंईयां सम्मान के 94-95 आवेदन किये गये हैं. जी हां. बंगाल के यूसुफ के बाद अब सूफनी खातून का मामला सामने आया है. यूसुफ ने 95 आवेदन किये थे. सूफनी खातून के बैंक अकाउंट से मंईयां सम्मान के 94 आवेदन लिंक हैं. इसके पहले यूसुफ का मामला सामने आया था. उसके बैंक अकाउंट से 95 आवेदन जुड़े थे. यूसुफ और सूफनी खातून दोनों ने पलामू जिले के सीएससी (प्रज्ञा केंद्र) से आवेदन किये थे. सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के भौतिक सत्यापन के दौरान इसका खुलासा हुआ है. योजना का लाभ लेने के लिए फर्जीवाड़ा के हर दिन नये उदाहरण सामने आ रहे हैं.

बोकारो जिले में आवेदन करने वाले दोनों फर्जी लाभुक बंगाल के

बोकारो जिले में गुरुवार को एक ही बैंक खाते का इस्तेमाल करते हुए अलग-अलग नामों से 94 बार मंईयां सम्मान योजना का आवेदन जमा करने का मामला पकड़ में आया. इससे पहले बुधवार को एक ही बैंक खाते का इस्तेमाल कर 95 आवेदन करने का मामला सामने आया था. खास बात यह है कि दोनों ही खाताधारक पश्चिम बंगाल के हैं और दोनों का बैंक अकाउंड इंडसइंड बैंक में है.

बीडीओ और सीओ के स्तर पर आवेदनों को मिली है स्वीकृति

स्वीकृति के क्रम में कई आवेदनों को बीडीओ और सीओ स्तर से स्वीकृत किया गया है. मामला पकड़ में आने के बाद बोकारो उपायुक्त विजया जाधव ने खाताधारक पर प्राथमिक दर्ज करने और संबंधित खाते में योजना की राशि के हस्तांतरण पर रोक लगा दी है.

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सूफनी खातून के बैंक डिटेल से हुआ ये खुलासा

सत्यापन क्रम में स्पष्ट हुआ है कि इंडसइंड बैंक के खाता संख्या- 100253493007 के खाताधारक का नाम सूफनी खातून है. उसका पता – मोतिविट्टा, कांटी झारगांव, उत्तर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल है. इस खाता का इस्तेमाल 94 बार अलग-अलग नाम से योजना का लाभ लेने के लिए किया गया है.

राशन कार्ड का नंबर भी मिला फर्जी

आवेदन में दर्ज राशन कार्ड का नंबर भी फर्जी पाया गया है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी शालिनी खलखो ने इसकी पुष्टि की है. आवेदित सभी नामों के उपनाम में मुर्मू, हांसदा, मंडल शब्द जोड़ा गया है. यह भी पता चला है कि ये सभी आवेदन झारखंड के पलामू जिला और बिहार के किशनगंज स्थित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से 31 अक्टूबर 2024 और 1 नवंबर 2024 को किये गये हैं. 49 बार चंदनकियारी, 20 बार कसमार, 12 बार बेरमो, 7 बार गोमिया, 2-2 बार चास और नावाडीह और 1-1 बार चास नगर निगम एवं चंद्रपुरा प्रखंड से आवेदन किया गया है.

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इन सीएससी आइडी से किया गया आवेदन

  • सीएससी आइडी : 243621130028, ऑपरेटर , वीएलई नाम : विक्कू कुमार रवि, पैरेट आइडी नाम : उपेट प्रसाद, मोबाइल नंबर : 8873482243, पलामू
  • सीएससी आइडी : 542316220013, मास्टर, वीएलई नाम सुमित कुमार, पैरेंट आइडी नाम : सुमित कुमार, मोबाइल नंबर : 9122397271, पलामू
  • सीएससी आइडी : 423664770011, मास्टर, वीएलई नाम : फरयाद आलम, पैरेंट आइडी नाम : फरयाद आलम, किशनगंज, बिहार

इंडसइंड बैंक से जुड़े हैं अकाउंट, 11 बैंक के 50 खातों का कई बार इस्तेमाल

मईयां सम्मान योजना के भौतिक सत्यापन में लगातार चौंकाने वाला तथ्य सामने आ रहा है. अब तक हुए सत्यापन में 11 सरकारी और निजी बैंक के 50 ऐसे बैंक खातों को चिह्नित किया गया है, जिनका कई बार आवेदन करने में इस्तेमाल किया गया है. आवेदन के क्रम में एक ही बैंक खाते का 96 बार, 90 बार, 80 बार, 70 बार, 50 बार, 40 बार और 30 बार इस्तेमाल किया गया है. इस कार्य में संलिप्त सीएससी को भी चिह्नित किया गया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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